राहुल गांधी का भाजपा पर तंज, कहा-विदेश नीति केंद्र सरकार की निजी पॉलिसी बन गई है

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नई दिल्ली। विदेश नीति और महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष के सांसदों ने कहा कि विदेश नीति को भाजपा के लोग अपनी निजी पॉलिसी बनाकर इस्तेमाल कर रहे हैं। भाजपा के राज में हर कोई दुखी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “हमारी विदेश नीति केंद्र सरकार की निजी पॉलिसी बन गई है। अब यह एक यूनिवर्सल मजाक जैसा हो गया है। अगर हमारे प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं तो फॉरेन पॉलिसी कॉम्प्रोमाइज्ड है। हमारी क्या पोजीशन है? लोगों को इसका नुकसान होगा? अभी केवल शुरुआत हुई है। अभी सभी चीजों में परेशानी होगी। अमेरिका और इजरायल जो कहेगा प्रधानमंत्री मोदी वहीं कहेंगे।” महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “मेरा मानना ​​है कि अभी इस पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी। पहले उन्हें यह तय करना चाहिए कि वे क्या लाना चाहते हैं। क्या आरक्षण सिस्टम होगा? आरक्षण कैसे दिया जाएगा? उसके बाद ही यह तय होगा।”
कल संसद में प्रधानमंत्री मोदी के भाषण पर उन्होंने कहा, “जब प्रधानमंत्री मोदी संसद में बोल रहे थे, तो ऐसा लगा कि कोई न्यूज एंकर बोल रहा है। न्यूज एंकर भी टीवी पर उनसे ज्यादा जानकारी दे रहे हैं। रिपोर्ट आ रही है कि पाकिस्तान बीच-बचाव करने की कोशिश कर रहा है। आतंक को बढ़ावा देने वाला देश बीच-बचाव कर रहा है और हम कुछ नहीं कर रहे हैं।”
महिला आरक्षण बिल पर सपा सांसद इकरा चौधरी ने कहा, “यह बिल पिछली लोकसभा में ही पास हो चुका था। अब यह देखना जरूरी है कि इसे लागू करने के लिए क्या तैयारियां की जा रही हैं। यह सिर्फ कागजों पर मिली कामयाबी बनकर नहीं रह जाना चाहिए। इसे जमीनी स्तर पर लागू किया जाना जरूरी है। हमें खुशी है कि सरकार इस बिल पर विचार कर रही है, लेकिन इसे असल में कैसे लागू किया जाएगा, यह देखना अभी बाकी है।”
उन्होंने कहा कि यह बहुत जरूरी है, क्योंकि यह बहुत पहले पास हो गया था, लेकिन इसे लागू करने का कोई रोडमैप नहीं था। एक महिला होने के नाते मैं इसका स्वागत करती हूं और यह बिल जल्द से जल्द लागू होना चाहिए।”
आप सांसद संजय सिंह ने महिला आरक्षण बिल पर कहा, “भाजपा जनगणना से भाग रही है। 2011 की जनगणना के आधार पर 2029 में चुनाव कैसे हो सकता है? हर 10 साल में जनगणना होनी चाहिए, लेकिन आप जनगणना से भागते हैं। आप जातीय जनगणना से भागते हैं।”

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