बाल मुकुन्द ओझा
असम, बंगाल और केरल सहित पांच राज्यों में शीघ्र विधानसभा चुनाव होने जा रहे है। कांग्रेस पार्टी इन चुनावों में गाँधी परिवार की बेटी प्रियंका में चुनावी संभावनाएं तलाश रही है। लोकसभा में अपने पॉजिटिव रवैये के चलते उन्होंने पक्ष और विपक्ष का दिल जीत लिया। कांग्रेस इसी का फायदा उठाकर सत्तारूढ़ पार्टी पर प्रियंका रुपी ब्रह्मास्त्र दागना चाहती है। केरला से सांसद प्रियंका लोगों को सहज ही अपनी और आकर्षित करने की क्षमता रखती है। राहुल गाँधी की नकारात्मक सोच पर प्रियंका की पॉजिटिव सोच भारी पड़ रही है। संसद के शीतकालीन सत्र में सांसद प्रियंका गांधी की सक्रियता ने यह साबित कर दिया है कि कांग्रेस को सही नेतृत्व प्रदान करने की भरपूर क्षमता उनमें है। लोग प्रियंका में इंदिरा गाँधी को देखती है। वे अपना पहनावा भी इंदिरा की तरह दिखाती है। नाक नक्शा वैसे भी इंदिरा की तरह है। प्रियंका गांधी ने ऐसे समय अपनी सक्रिय राजनीति का आगाज किया है जब कांग्रेस की अगुवाई वाला इंडिया गठबंधन में नेतृत्व को लेकर घमासान मचा हुआ है।
कई विपक्षी नेता प्रियंका गांधी को दमदार और बेहतर चेहरा मान रहे हैं। प्रियंका वाड्रा इन दिनों सोशल मीडिया पर बहुत अधिक चर्चित है। फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर प्रियंका लगातार मोदी सरकार पर हमलावर है और नित्य प्रति कोई न कोई पोस्ट डाल कर मोदी सरकार को कटघरे में डालने से नहीं चुकती। 2014 के बाद मोदी युग का आगाज होने के बाद बाद चुनाव-दर चुनाव कांग्रेस को मिलती हार के बाद जहां राहुल के नेतृत्व पर सवाल उठे वहीं भाजपा ने राहुल गांधी को एक असफल राजनेता साबित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। ऐसे में अब प्रियंका गांधी की चुनावी राजनीति में एंट्री के साथ उनकी संसदीय पारी का आगाज कांग्रेस संगठन और उसके कार्यकर्ताओं में नई जान फूंक सकता है।
प्रियंका यदि पीएम फेस बनती है तो ममता बनर्जी, केजरीवाल और स्टालिन जैसे नेता भी मान जायेंगे। राहुल के मुकाबले प्रियंका गांधी की राजनीति कई मायनों में अलग है। प्रियंका गांधी अपनी सरलता और बेधड़क अंदाज से लोगों से तुरंत कनेक्ट कर लेती हैं। इन दिनों कांग्रेस के भीतर भी प्रियंका गांधी को विपक्ष की और से पीएम फेस बनाने की चर्चा जोर शोर से होने लगी है। प्रियंका में आज भी लोग इंदिरा गाँधी की छवि ढूंढते है। प्रियंका गांधी ने मोदी पर हमलावर होकर रैलियों से ही कांग्रेस के पक्ष में माहौल बना दिया। कांग्रेस के अंदर ही नहीं कांग्रेस के बाहर भी प्रियंका गांधी की नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा जोरों पर हैं। यही कारण है कि पार्टी के अंदर से अब प्रिंयका को कांग्रेस का प्रधानमंत्री फेस बनाने की मांग उठने लगी है।
प्रियंका इंदिरा गांधी की तरह बहुत जल्दी महिलाओं से घुल मिल जाती है। उनके हावभाव में इंदिराजी की झलक देखने को मिल जाती है। ऐसे में आगामी लोकसभा चुनावों में प्रियंका के करिश्माई व्यक्तित्व का फायदा कांग्रेस को मिल सकता है। मोदी के खिलाफ कांग्रेस अपने सारे हथियार आजमाएगी और प्रियंका उसके तरकश का सबसे धारदार तीर साबित हो सकता है। प्रियंका के खिलाफ केवल एक ही बात जाती है वह है यूपी में उनके नेतृत्व में कांग्रेस की करारी हार। इस प्रदेश में प्रियंका ने कांग्रेस के पक्ष में जबरदस्त प्रचार किया था मगर लोगों ने इसे स्वीकार नहीं किया। मगर यूपी में कांग्रेस की हार के और भी कई कारण रहे है। सब से बड़ा कारण धरातल पर संगठन का नहीं होना। इसके बाद प्रियंका बहुत आगे बढ़ गई। हिमाचल और कर्नाटक में कांग्रेस की जीत से प्रियंका के हौसले बुलंद हुए अब असम, केरल और बंगाल में प्रियंका की अग्नि परीक्षा है। यदि इस परीक्षा में प्रियंका पास हो जाती है तो प्रियंका को आगे बढ़ने से कोई भी नहीं रोक पायेगा। मोदी की लोकप्रियता के सामने वह टिक पायेगी या नहीं यह भविष्य के गर्त में छिपा है। कांग्रेस को प्रियंका गांधी में नई उम्मीद और राह दिखाई दे रही है और देखना होगा क्या प्रियंका गांधी कांग्रेस की सत्ता में वापसी करा पाएगी।

कांग्रेस का चुनावी ब्रह्मास्त्र है प्रियंका गांधी
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