बालोतरा। भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा देशव्यापी सूक्ष्म उद्यमियों के विकास हेतु प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) वर्ष 2020-21 से संचालित की जा रही है एवं योजना अवधि 31 मार्च 2026 तक प्रभावी है।
जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक रमेश कालमा ने बताया कि योजना के अंतर्गत एकल श्रेणी आवेदकों को खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने अथवा विस्तार हेतु 35 प्रतिशत की दर से अधिकतम 10 लाख रुपए के अनुदान का प्रावधान है। योजनांतर्गत सभी प्रकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं। अनुदान राशि संबंधित बैंक शाखा में स्थानांतरित कर 3 वर्ष पश्चात ऋण खाते में समायोजित की जाती है।
उन्होने बताया कि योजना के एकल श्रेणी आवेदकों के अन्तर्गत बालोतरा जिले को 50 का लक्ष्य राज्य सरकार द्वारा आवंटित किया गया है। जिसमें से आवंटित लक्ष्यों के विरूद्ध अब तक मात्र 1 इकाई के लिए ऋण स्वीकृतियां ही जारी हो पाई है। योजना के आवेदकों के वित्त पोषण के सम्बन्ध में राज्य के प्रमुख बैंकों भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक आदि के राज्य में स्थित नियंत्रक कार्यालयों द्वारा अधिकाधिक सहयोग को निर्देशित किया गया है।
राज्य में योजना के संचालन हेतु राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड को स्टेट नोडल एजेन्सी नामित किया हुआ है एवं जिला स्तर की कृषि उपज मंडी समिति के सचिव को जिला नोडल अधिकारी नामित किया हुआ है। उद्यमियों एवं आवेदकों को ऋण आवेदन करने सम्बन्धी औपचारिकताओं की पूर्ति व विभिन्न प्रकार की अनुमति एवं अनापत्ति आदि प्राप्ति हेतु जिला रिसोर्स पर्सन को भी नियुक्त किया हुआ है। राज्य स्तर पर सृजित परियोजना प्रबंधन इकाई के विशेषज्ञ समय-समय पर क्षेत्र का दौरा कर बैंकर्स, उद्यमियों, उद्योग संघो, व्यापार संघों, कृषक समूहों से चर्चा कर योजना का लाभ लिये जाने हेतु प्रोत्साहित करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि जिले के समस्त उद्यमी इस योजना के तहत आवेदन कर लाभ उठाये।
सूक्ष्म उद्यमियों के विकास को संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म वाद्य उद्योग उन्नयन योजना
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