नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी को 2,700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पुडुचेरी के विकास को ‘बेस्ट पुडुचेरी’ की थीम पर किया गया है। ‘बेस्ट’ का अर्थ है बिजनेस, एजुकेशन, स्प्रिच्युअलिटीऔर टूरिज्म। पिछले साढ़े चार वर्षों में यह संकल्प ठोस परिणाम दे रहा है।
प्रधानमंत्री ने पुडुचेरी में एल कार्यक्रम में रविवार को 2,700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि जब केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारें एक समान दृष्टि और समर्पण के साथ कार्य करती हैं तो परिणाम शीघ्र और बेहतर मिलते हैं। डबल इंजन की सरकार ने विकास को गति दी है और जनजीवन को सरल बनाया है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले पुडुचेरी को राजनीतिक स्वार्थ का माध्यम बनाया गया, जबकि वर्तमान सरकार विकास को प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष के केंद्रीय बजट में आधारभूत संरचना निर्माण के लिए रिकॉर्ड 12 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका लाभ पुडुचेरी सहित देश के सभी क्षेत्रों को मिलेगा। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि पुडुचेरी को ‘राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता’ योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है। पहले यह योजना केवल पूर्ण राज्यों तक सीमित थी। इस निर्णय से सड़क, जल आपूर्ति, तटीय ढांचा, विद्यालय, अस्पताल और अन्य लोक उपयोगी कार्यों के लिए अतिरिक्त धन उपलब्ध होगा।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने 750 एकड़ में विकसित करसुर-सेदारापेट औद्योगिक क्षेत्र को राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह परिसर भविष्य में औषधि पार्क, वस्त्र पार्क और सूचना प्रौद्योगिकी पार्क के रूप में विकसित होगा। इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यहां अनुसंधान एवं विकास सुविधाओं तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की भी योजना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने पुडुचेरी शहर में लगभग 1,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उल्लेख किया, जिसमें 140 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला उड्डयन पुल भी शामिल है। राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से यातायात दबाव कम होगा और आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से करोड़ों परिवारों को सस्ती और सुलभ चिकित्सा सुविधा मिल रही है। पुडुचेरी में 9 चिकित्सकीय महाविद्यालय हैं और इसे चिकित्सा पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि विद्युत चालित बसें प्रदूषण कम करने में सहायक होंगी। सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने के प्रयास जारी हैं। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कराईकल स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में नए अभियंत्रण खंड और आधुनिक सुविधाओं का विकास किया गया है। पुडुचेरी विश्वविद्यालय में भी आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने कहा कि सशक्त और ऊर्जावान युवा ही राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला हैं और सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।



