दिल्ली को क्लीन और ग्रीन बनाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध : CM रेखा गुप्ता

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नई दिल्ली । दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्री प्रवेश वर्मा तथा विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की उपस्थिति में विधानसभा परिसर में सोमवार को 500 किलोवाट के नए सौर ऊर्जा संयंत्र की आधारशिला रखी। यह परियोजना दिल्ली को स्वच्छ, हरित और विकसित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो केंद्र सरकार के ‘मिशन 2047’ के तहत दिल्ली को एक आदर्श शहर बनाने के विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि यह परियोजना दिल्ली के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। दिल्ली को क्लीन और ग्रीन बनाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।

दिल्ली में बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है और हमारा लक्ष्य 9,000 मेगावाट बिजली को ग्रीन एनर्जी में परिवर्तित करना है। इस सौर संयंत्र से विधानसभा को प्रतिमाह 15 लाख रुपए की बचत होगी।उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के विजन की सराहना की और बताया कि दिल्ली में हाई-टेंशन तारों को हटाने के लिए 100 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। इसके साथ ही, इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने की दिशा में भी सरकार तेजी से काम कर रही है।मंत्री प्रवेश वर्मा ने समारोह में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की कार्यशैली की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “हमारी मुख्यमंत्री सुबह दिल्ली की सड़कों पर निकलती हैं, हजारों लोगों से मिलती हैं और दिनभर दिल्ली के विकास के लिए काम करती हैं। उनकी ऊर्जा और समर्पण प्रेरणादायक है।”

उन्होंने उपराज्यपाल विनय सक्सेना की भी तारीफ की, जिन्होंने दिल्ली में ऊर्जा क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा, “पहले मैं सोचता था कि गवर्नर केवल औपचारिक भूमिका निभाते हैं और आराम से रहते है, लेकिन विनय सक्सेना ने मेरी सोच बदल दी। उनके नेतृत्व में दिल्ली में ऊर्जा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव हो रहे हैं।”एलजी वीके सक्सेना ने दिल्ली विधानसभा में 500 किलोवाट के सौर ऊर्जा संयंत्र के शिलान्यास समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में दिल्ली की यात्रा में आज का दिन महत्वपूर्ण है। विधानसभा परिसर में 500 किलोवाट के सौर ऊर्जा संयंत्र का शिलान्यास महज औपचारिकता नहीं है, बल्कि पर्यावरणीय स्थिरता, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता है। यह पहल हमारे प्रधानमंत्री मोदी के विजन का प्रतिबिंब है।”

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