लैंगिक संवेदीकरण एवं लिंग समानता में पुरुषों की भूमिका विषय पर विशेष सत्र का आयोजन

ram

बूंदी। महिला अधिकारिता विभाग व एक्शनएड-यूनिसेफ द्वारा राजस्थान मरु उड़ान व यस टू स्कूल अभियान के तहत लैंगिक संवेदीकरण एवं लिंग समानता में पुरुषों की भूमिका विषय पर विशेष सत्र का आयोजन पीएम उच्च माध्यमिक विद्यालय, बरुंनधन में तथा बाल विवाह रोकथाम कार्यक्रम राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय विकास नगर में किया गया। वरिष्ठ सहायक रविराज मिश्रण ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की 10वीं वर्षगांठ राष्ट्रीय बालिका दिवस, गणतंत्र दिवस की शुभकामनाओ देते हुए राजस्थान मरु उड़ान अभियान के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। ज़िला समनवयक ज़हीर आलम ने लिंग भेद एवं स्त्री पुरुष विभेद में अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि समाज में जेंडर संवेदनशीलता की आवश्यकता है। उन्होंने विभिन्न उदाहरण प्रस्तुत करते हुए समाज में बालक एवं बालिका में किये जा रहे भेद के कारण समाज में विषमता बढ़ रही है इसको कम करने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ सामाजिक परंपराओं में भी बदलाव लाने की आवश्यकता है। ऐसे में शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं अभिभावकों विशेषकर पुरुषों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने लैंगिक पक्षपात के कई कारण बताए। लैंगिक संवेदनशीलता के बारे में बतलाते हुए कहा कि हम पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर लड़कों एवं लड़कियों को कार्य विशेष करने के लिए बाध्य करते हैं। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्रिया-कलापों, गतिविधियों व रोल प्ले के माध्यम से लैंगिक समानता, लैंगिक अंशता, लैंगिक असमानता, लैंगिक संबंध, लैंगिक पहचान जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार व्यक्त किए।
सखी वन स्टॉप सेंटर प्रबंधक शबनम बानो ने सखी सेंटर पर मिलने वाली सुविधाओं के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए काउनसलर किरण बेदी ने उपस्थित छात्र-छात्राओं से जेंडर संवेदीकरण से सम्बंधित प्रश्श्नोतरी के माध्यम से उनकी कॉउंसलिंग की। पूछे गए प्रश्नों का उत्तर प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ दिया। विद्यालय की वरिष्ठ शिक्षका शोभा कंवर ने कहा कि लैंगिक संवेदनशीलता विद्यालय स्तर पर एक महत्वपूर्ण विषय हो जाता है। बच्चे बढ़ते उम्र के साथ होने वाले परिवर्तन के कारण कई समस्याओं का सामना करते हैं तथा भावनात्मक स्थितियों से गुजरते हैं।
प्रधानाध्यापक रणजीत मीना ने कहा कि वर्तमान समय में आये परिवर्तन के कारण स्त्री-पुरुष में आयी विषमताएं कम हुई है फिर भी हमें इसके प्रति ओर संवेदनशील होने तथा इस प्रकार के गतिविधि आधारित कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जेंडर संवेदनशीलता को कम करने के लिए महिलाओं के लिए विशेष बजट का प्रावधान किया जा रहा है। वहीं राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय विकास नगर में आयोजित कार्यक्रम में विधिक परमार्शदाता प्रिया मिश्रण ने पोश एक्ट की जानकारी दी और सामाजिक परमार्शदाता अक्षिता चारण ने विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की तथा पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र की केंद्र प्रबंधक पूर्णिमा गौतम व द्वारा लिंग आधारित भेदभाव व बाल विवाह रोकथाम, बालिका शिक्षा प्रोत्साहन, बालिका सशक्तिकरण, बाल संरक्षण तथा मतदाता जागरूकता की शपथ दिलवाई। इस अवसर पर शिक्षक भँवर लाल वर्मा, सिराजुद्दीन, शिवकरण मेघ, शिवानी सुमन, पिंकी सुमन, नवदिता टांक, नेहा राव, राम धाई, देवराज मीणा, कुंदनमल चौधरी, रजनीकांत चारोरा आदि शिक्षक-शिक्षिकायें उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *