नई दिल्ली। भारत का डिजिटल बाजार तेजी से बढ़ रहा है और अब ई-कॉमर्स कंपनियां सिर्फ प्रोडक्ट बेचने तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। अमेजन और फ्लिपकार्ट दोनों ही अब वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में कदम बढ़ा रही हैं। और नए कंज्यूमर लोन प्रोडक्ट्स लॉन्च करने की तैयारी में हैं। इसका सीधा असर पारंपरिक बैंकों पर पड़ सकता है, जो अभी तक इस बाजार पर हावी थे।
छोटे व्यवसायों को लोन देने की तैयारी में अमेजन
अमेजन ने इस साल NBFC (नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) Axio का अधिग्रहण किया था। इसके बाद कंपनी अब फिर से छोटे व्यवसायों को लोन देने जा रही है। साथ ही, वह कैश मैनेजमेंट जैसे वित्तीय सुविधाएं भी पेश करेगी। अमेजन के इमर्जिंग बाजार्स पेमेंट्स के वाइस-प्रेसीडेंट महेंद्र नेरुरकर के अनुसार, भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में डिजिटल रूप से सक्रिय व्यापारियों में लोन की मांग तेजी से बढ़ी है। इसलिए अमेजन ऐसे ‘टेलर-मेड लेंडिंग प्रपोजिशन’ तैयार कर रही है, जिससे उनका कैश फ्लो सुधरे और उन्हें बेहतर फंडिंग मिल सके। ये योजनाएं पहली बार अब सामने आई हैं, जो दिखाती हैं कि अमेजन फाइनेंस सेक्टर को लेकर गंभीर है।
फ्लिपकार्ट अगले साल लेकर आएगी नए लोन प्रोडक्ट
वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली फ्लिपकार्ट ने मार्च 2025 में अपनी NBFC यूनिट फ्लिपकार्ट फाइनेंस रजिस्टर कराई थी, जो RBI की अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रही है। फ्लिपकार्ट दो तरह के पे-लेटर विकल्प लाने की योजना में है। 0% ब्याज वाले EMI लोन (3 से 24 महीने की अवधि के लिए) और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के लिए 18%-26% वार्षिक ब्याज वाले लोन। तुलना के लिए, पारंपरिक बैंक आमतौर पर ऐसे लोन पर 12%-22% की ब्याज दर वसूलते हैं। फ्लिपकार्ट उम्मीद कर रही है कि वह अगले साल से इन नए वित्तीय प्रोडक्ट्स को लॉन्च कर देगी।
क्यों बढ़ रहा है यह बाजार?
भारत का कंज्यूमर लोन बाजार मार्च 2020 में 80 अरब डॉलर के मुकाबले मार्च 2025 तक 212 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। हालांकि हाल में ग्रोथ थोड़ी धीमी हुई है, फिर भी बाजार बड़ा और आकर्षक है। अमेजन और फ्लिपकार्ट दोनों के एप UPI पेमेंट्स के टॉप 10 प्लेटफॉर्म्स में शामिल हैं। RBI ने इस साल दोनो कंपनियों को अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनियों के जरिए सीधे ग्राहकों को लोन देने की अनुमति भी दे दी है। यानी अब विदेशी टेक कंपनियां सीधे फाइनेंस सेक्टर में प्रवेश कर सकती हैं।
कंपनियों के पास है ‘डाटा की ताकत’
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि इन ई-कॉमर्स कंपनियों के पास ग्राहकों के खरीदारी पैटर्न और पेमेंट व्यवहार का गहरा डाटा मौजूद है। यही डाटा उन्हें क्रेडिट बाजार में पारंपरिक बैंकों पर बढ़त दिला सकता है। हालांकि, असली सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि ये कंपनियां अपने रिटेल बिजनेस से आगे बढ़कर वित्तीय क्षेत्र में कितनी प्रभावी साबित होती हैं।
अमेजन पे पर कर सकते हैं 1,000 रुपये से FD
अमेजन ने यह भी खुलासा किया है कि उसने कई भारतीय बैंकों के साथ साझेदारी की है। अब ग्राहक अमेजन पे पर 1,000 रुपये से शुरू होने वाली फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) सेवाओं का भी फायदा उठा सकेंगे। कुल मिलाकर, अमेजन और फ्लिपकार्ट का नया कदम भारतीय फाइनेंस बाजार में बड़ा बदलाव ला सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ये टेक दिग्गज पारंपरिक बैंकों से मुकाबले में आगे बढ़ पाती हैं या नहीं।



