एनएलयू जोधपुर को ग्लोबल साइबरपीस समिट 2.0 में ‘साइबरपीस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया

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नई दिल्ली/जोधपुर । नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू), जोधपुर को ग्लोबल साइबरपीस समिट 2.0 में प्रतिष्ठित साइबरपीस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान 10 फरवरी 2026 को भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान प्रदान किया गया। यह पुरस्कार साइबर पीस को बढ़ावा देने के क्षेत्र में एनएलयू जोधपुर के उत्कृष्ट संगठनात्मक नेतृत्व और शोध, प्रशिक्षण, नीतिगत सहभागिता, जनसंपर्क, नवाचार तथा क्षेत्रीय, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर मापनीय सामाजिक प्रभाव के लिए प्रदान किया गया है। साथ ही, यह सम्मान सुरक्षित, विश्वसनीय और सुदृढ़ डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में विश्वविद्यालय की रणनीतिक भूमिका को भी रेखांकित करता है। यह उपलब्धि विधि, नैतिकता और उभरती प्रौद्योगिकियों के संगम पर एनएलयू जोधपुर के नेतृत्व को दर्शाती है तथा देश के टेक्नो-लीगल क्षेत्र में उसकी अग्रणी भूमिका को स्थापित करती है। इस अवसर पर एनएलयू जोधपुर की माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) हरप्रीत कौर ने कहा: “जैसे-जैसे हम विकसित भारत की ओर अग्रसर हो रहे हैं, कानून, नैतिकता और नवाचार का संगम ही हमारे भविष्य की दिशा तय करेगा। एआई शासन केवल नियम पुस्तिकाओं से नहीं, बल्कि सशक्त और प्रभावी शासन प्रणालियों से आकार लेगा। हमें एक ऐसा समग्र डिजिटल कोड चाहिए जो भारतीय संविधान में निहित मूल्यों पर आधारित हो, किंतु आने वाली शताब्दी की चुनौतियों के अनुरूप लचीला भी हो। जब तक विधिक ढांचा पूर्ण रूप से स्थापित नहीं होता, तब तक हमें मानक (Standards) विकसित करने होंगे। एनएलयू जोधपुर में हम कानून को नवाचार में बाधा नहीं, बल्कि एक ऐसे “ऑपरेटिंग सिस्टम” के रूप में देखते हैं जो सुनिश्चित करता है कि नवाचार मानवता की सेवा करे। नवाचार का लाभ’ और ‘प्रभाव की नैतिकता’ के बीच संतुलन स्थापित करना अत्यंत आवश्यक है।” एनएलयू जोधपुर ने इस सम्मान के लिए साइबरपीस फाउंडेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Meity), भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय, तथा गूगल के प्रति आभार व्यक्त किया। विश्वविद्यालय ने नैतिक एआई शासन को बढ़ावा देने और भारत के सुरक्षित एवं समावेशी डिजिटल भविष्य के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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