निंबाहेड़ा। यूरिया खाद के दलों द्वारा निर्धारित दर से अधिक दर तथा कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य कृषि विभाग के स्पष्ट निर्देश है कि की बिना पोस मशीन व अधिकारियों को सूचना दिए बगैर खाद्य वितरित नहीं किया जावे इसके बावजूद निंबाहेड़ा क्षेत्र के खाद विक्रेता अपनी मनमर्जी से बाज नहीं आ रहे हैं तथा निर्धारित दर से अधिक दर पर विक्रय करने व कालाबाजारी के उद्देश्य से कृषि विभाग के अधिकारियों को सूचना दिए बगैर यूरिया खाद बेच रहे हैं। इसमें जिले के अधिकारियों की लापरवाही साफ दिखाई दे रही है क्योंकि स्थानीय अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने के बावजूद अभी तक एक भी डीलर का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई नहीं हो पाई जबकि पहले भी डीलरों द्वारा की गई अनियमिताएं समाचार पत्रों के माध्यम से सामने लाई गई थी। इसके चलते किसानों को यह अंदेशा है कि कहीं जिले के अधिकारियों की डीलरों से मिली भगत तो नहीं। विश्वत सूत्रों से जानकारी यह भी मिली कि कि स्थानीय अधिकारियों को डीलरों के यहां खाद पहुंचने की सूचना भी आम लोगों द्वारा मिलती है उन्हें ना तो डीलर सूचित करते हैं और नहीं आगे से समय पर जानकारी मिलती है। मनमर्जी से यूरिया खाद बेचने का ताजा मामला रविवार का है जिसमे आदित्य फ़र्टिलाइज़र के यहां रविवार शाम 4 बजे यूरिया खाद की गाड़ी आई जिसमें लगभग 868 बेग 39.60 एम.टी. यूरिया था। खाद डीलर कृषि विभाग के अधिकारियों को सूचना दिए बगैर अपनी मनमर्जी से बिना पोश मशीन में इंद्राज किये खाद बेचना शुरू कर दिया क्योंकि इसकी आपूर्ति का इंद्राज डीलर की पोश मशीन में हुआ ही नहीं था। सहायक कृषि अधिकारी प्रियंका कटारा ने बताया कि यूरिया खाद की जानकारी मिलते हैं कृषि पर्यवेक्षक मुकेश मीणा को मौके पर भेजकर अगले दिन उनकी उपस्थिति में खाद वितरित करने हेतु डीलर को पाबंद कराया। सोमवार सुबह पर्यवेक्षक मुकेश मीणा मनीष मीणा हनुमान नगर की उपस्थिति में यूरिया खाद कराया गया सहायक कृषि अधिकारी कटारा में डीलर के यहां पहुंचकर किसने की उपस्थिति में मौका पर्चा बनाकर डीलर को नोटिस दिया। डीलर ने रविवार को अवकाश का बहाना बनाते हुए अनियमितता बरती एवं कृषि अधिकारियों को यूरिया खाद की सूचना नहीं दी। जबकि यूरिया खाद परिवार दोपहर 3 बजे डीलर के यहां पहुंच चुका था खाद का इंद्राज एफ एम एस पोर्टल नहीं होने के बावजूद डीलर द्वारा रविवार शाम को 220 बेग बेच दिए। मौका पर्चा अनुसार सोमवार को चित्तौड़गढ़ कृषि अधिकारियों के निर्देश पर पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में बिना पोस मशीन खाद का वितरण कराया। अब इस मामले में डीलर द्वारा कृषि अधिकारियों की जानकारी के बिना जो खाद बेचा गया उसकी पूरी छानबीन की जाना आवश्यक है कि उसने खाद किन-किन किसानों को बेचा। हालांकि डीलर ने अपने बचाव हेतु खाद वितरण की खानापूर्ति करते हुए एक सूची बना रखी है जिसमें कुछ किसानो के नाम है लेकिन उसमें ना तो कृषकों के आधार नंबर है ना ही उनके मोबाइल नंबर और हस्ताक्षर है ऐसी स्थिति में यह सत्यापन करना आसान नहीं है कि वास्तव में उन किसानों को डीलर द्वारा निर्धारित अनुसार कितने बैग बेचे। क्योंकि अधिकांश यह देखा गया है कि कृषि अधिकारियों की गैर मौजूदगी में खाद डीलरों द्वारा 350 रुपए से 400 रूपये तक प्रति बेग राशि वसूली जाती है। लेकिन किसानों को यह पता है कि इन डीलरों के खिलाफ कोई पुख्ता करवाई नहीं होने वाली इसलिए शिकायत करने के बजाय वे मजबूरी से ऊंचे दामों पर यूरिया खाद खरीदने लेते हैं क्योंकि उन्हें समय पर यूरिया खाद की महती आवश्यकता होती है। अब यहां सवाल यह खड़ा होता है कि डीलर द्वारा की गई अनियमितता पर क्षेत्रीय अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए निगरानी कर ली गई लेकिन उच्च अधिकारियों द्वारा इसके खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी या नहीं। बता दें कि डीलरों द्वारा अपने बचाव हेतु निकाली गई गलियों पर जिले के अधिकारियों का नरम रुख होने की वजह से इन डीलरों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई अभी तक देखने को नहीं मिली। हालांकि उपरोक्त मामले में चित्तौड़गढ़ कृषि सहायक निदेशक अंशु चौधरी ने बताया कि डीलर द्वारा बिना सूचना बेचे गए खाद का सत्यापन कराया जाएगा तथा कंपनी द्वारा पोस मशीन में इंद्राज कराने में देरी क्यों हुई इसकी भी जांच की जाएगी। लेकिन वास्तव में इस डीलर के खिलाफ कोई उचित कार्रवाई होगी या नहीं यह अभी कहा नहीं जा सकता क्योंकि इसी डीलर द्वारा पहले भी जुपिलेंट कंपनी का खाद बिना अधिकृत स्वीकृति के बेचा गया था और यह मामला कृषि विभाग के ध्यान में आने के बाद भी हुआ कुछ नहीं।

निंबाहेड़ा : खाद डीलर आदित्य फर्टिलाइजर की मनमर्जी कृषि विभाग को सूचना दिए बगैर बेचा खाद, स्थानीय अधिकारी पहुंचे मौके पर जिले के अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
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