नई नीतियों एवं नियमों के सरलीकरण के मिल रहे सुखद परिणाम— उद्यमी एवं निवेशक ले रहे रीको की योजनाओं का लाभ

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जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की सोच है कि राजस्थान का युवा नौकरी लेने वाले की बजाय नौकरी देने वाला बने। इसी दृष्टिकोण के अनुरूप राज्य में अधिकाधिक उद्योग स्थापित करने एवं आर्थिक प्रगति को गति देने के उद्देश्य से रीको द्वारा नई नीतियां लागू की जा रही हैं तथा पुराने नियमों का सरलीकरण किया जा रहा है। निवेशकों को कम लागत पर भूखण्ड उपलब्ध कराने हेतु रीको द्वारा प्रारंभ की गई प्रत्यक्ष आवंटन योजना-2025 के नौवें चरण में 213 भूखण्डों हेतु 327 आवेदन प्राप्त हुए। इन भूखण्डों का एरिया लगभग 216 एकड़ है जिससे रीको को लगभग 417 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त होगा। जिन भूखण्डों पर एक से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, उनकी ई-लॉटरी गुरूवार, 9 अप्रेल को निकाली गई। योजना के पहले आठ चरणों में कुल 1455 भूखण्डों के लिए आवंटन/ऑफर लेटर जारी किए जा चुके हैं। लगभग 393 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इन भूखण्डों का कुल मूल्य 2300 करोड़ रुपये से अधिक है। इन भूखण्डों पर स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों से राज्य में लगभग 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश अपेक्षित हैं।
भूखण्ड के अनुमत उपयोग में बदलाव हेतु रीको को मिले 135 आवेदन
औद्योगिक क्षेत्रों में भूखण्डों के उपयोग को अधिक व्यावहारिक और समयानुकूल बनाने के लिए रीको ने भू-निपटान नियम, 1979 के नियम 20 (सी) में आवश्यक संशोधन किए हैं। अब पट्टाधारी निर्धारित शुल्क के साथ एक अनुमत उपयोग से दूसरे अनुमत उपयोग में परिवर्तन की स्वीकृति प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना में 26 नवंबर 2025 से ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत रीको को अब तक 135 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें जयपुर से 81 आवेदन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आबूरोड, जोधपुर, भीलवाड़ा, सीकर, श्रीगंगानगर, नीमराना, झुंझुनूं एवं सवाई माधोपुर से भी आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस निर्णय से उद्यमियों को आर्थिक गतिविधियां जैसे मैन्युफैक्चरिंग, कॉमर्शियल, सर्विस, आईटी, हेल्थकेयर, होटल, मिक्स्ड यूज एवं रेजिडेंशियल गतिविधियां प्रारंभ करने में सुविधा मिलेगी और राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में अतिरिक्त निवेश भी आयेगा।
रीको देगा रियल एस्टेट सेक्टर को भी ऋण
राजस्थान में रियल एस्टेट सेक्टर को प्रोत्साहन देने के लिये रीको द्वारा रियल एस्टेट हेतु ऋण योजना को पुनः लागू किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत भूमि क्रय, निर्माण लागत एवं उपयोगी उपकरणों हेतु वित्तीय सहायता दी जाएगी। भूमि की लागत का अधिकतम 75 प्रतिशत तक ऋण स्वीकृत किया जाएगा, जिसकी पुनर्भुगतान अवधि 5 वर्ष, 1 वर्ष के अधिस्थगन (moratorium) सहित होगी। पूरे प्रोजेक्ट के लिए अधिकतम 60 प्रतिशत तक ऋण उपलब्ध होगा, जिसकी पुनर्भुगतान अवधि 7 वर्ष निर्धारित की गई है।
सार्वजनिक-निजी सहभागिता से राज्य में बनेंगे औद्योगिक पार्क
राज्य में अधिक से अधिक औद्योगिक विकास एवं निवेश आकर्षित करने हेतु राज्य सरकार द्वारा ’राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति 2026’ लाई गई है। इस नीति के माध्यम से निजी सहभागिता एवं सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के जरिये औद्योगिक पार्कों की स्थापना होगी। इस नीति के अंतर्गत औद्योगिक पार्कों को दो श्रेणियों कैटेगरी ए एवं कैटेगरी डी में विभाजित किया गया है। ए श्रेणी में औद्योगिक पार्कों का विकास रीको द्वारा चिन्हित स्थानों पर आवंटित भूमि पर किया जायेगा। निजी विकासकर्ता को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट एवं आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, जिसके उपरांत रीको प्रावधानों के अनुसार प्रस्ताव की जांच कर भूमि आवंटित की जायेगी। डी श्रेणी में औद्योगिक पार्कों का विकास संयुक्त उद्यम मॉडल (PPP) के तहत किया जाएगा, जिसमें रीको परियोजना के SPV या JV में भूमि को इक्विटी के रूप में योगदान करेगा तथा उसकी न्यूनतम इक्विटी हिस्सेदारी 26 प्रतिशत होगी। इस मॉडल में परियोजना क्रियान्वयन में रीको की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। नीति के तहत, सामान्य इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 20 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 100 एकड़ तक के पार्कों के लिए रूपये 20 करोड़, 100 से 250 एकड़ के लिए रूपये 30 करोड़ तथा 250 एकड़ से अधिक के लिए रूपये 40 करोड़ निर्धारित है। इसके अतिरिक्त निर्धारित शर्तों पर सीईटीपी हेतु ग्रीन इनसेंटिव, कॉमन यूटिलिटी सेंटर, प्लग-एंड-प्ले ऑफिस कॉम्प्लेक्स के लिए सहायता तथा विद्युत शुल्क, स्टांप शुल्क एवं रूपांतरण शुल्क में छूट/प्रतिपूर्ति जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। रीको के इन महत्वपूर्ण निर्णयों से जहां एक ओर औद्योगिक क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, वहीं दूसरी ओर नए निवेशक भी राज्य में निवेश करने के लिये प्रोत्साहित होंगे। इन निर्णयों से राज्य में औद्योगिक विकास, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, रोजगार एवं निवेश के नए आयाम स्थापित होंगे।

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