राष्ट्रीय महिला आयोग से ‘सरके चुनर तेरी’ के गीतकार-निर्देशक को फटकार, नोरा और संजय दत्त को अंतिम मौका

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नई दिल्ली। संजय दत्त और नोरा फतेही के ‘सरके चुनर तेरी’ गाने को लेकर विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अब राष्ट्रीय महिला आयोग ने फिल्म और गाने से जुड़े लोगों को फटकार लगाई है। आयोग का कहना है कि ऐसे गाने महिलाओं की गरिमा के खिलाफ हैं। ऐसे अश्लील गानों को रिलीज करने की इजाजत किसी को नहीं है। दरअसल, सोमवार को ‘सरके चुनर तेरी’ को लेकर आयोग के सामने गीतकार रकीब आलम, निर्देशक प्रेम, केवीएन प्रोडक्शंस के प्रतिनिधि गौतम केएम और सुप्रीथ पेश हुए। संजय दत्त और नोरा फतेही समन भेजे जाने के बाद भी अलग-अलग कारणों से पेश नहीं हो पाए।
सुनवाई की अध्यक्षता आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने की। उन्होंने मेकर्स को फटकार लगाते हुए कहा, “यह महिलाओं की गरिमा के खिलाफ है और रचनात्मकता के नाम पर महिलाओं की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचाई जा सकती।”
फिल्म और गाने से जुड़े मेकर्स ने अपनी गलती को माना और आगे से नहीं दोहराने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि कन्नड़ में होने की वजह से उन्हें गीत का सही अर्थ नहीं पता था। उपस्थित सभी लोगों ने आयोग के सामने लिखित में माफी मांगी और माना कि इस गीत से समाज पर गलत प्रभाव पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि वे अगले तीन महीनों में महिला सशक्तीकरण के लिए काम करेंगे और उसकी रिपोर्ट आयोग को देंगे।
अभिनेत्री नोरा फतेही और अभिनेता संजय दत्त दोनों ही आयोग के सामने नहीं पहुंचे। नोरा की जगह उनके अधिवक्ता ने अपनी बात रखी, लेकिन आयोग ने उनकी किसी भी बात को सुनने से इनकार कर दिया। महिला आयोग का कहना है कि नोरा को खुद पेश होना होगा। वहीं, संजय दत्त शूटिंग के सिलसिले में देश से बाहर हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग ने नोरा को आखिरी मौका देते हुए 27 अप्रैल को पेश होने को कहा है, जबकि संजय दत्त को 8 अप्रैल को पेश होने का निर्देश दिया गया है।
बता दें कि ‘केडी द डेविल’ के विवादित गाने ‘सरके चुनर तेरी’ को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। नोरा फतेही भी सोशल मीडिया के जरिए माफी मांग चुकी हैं। उन्होंने पहले ही साफ कर दिया था कि उनका अब फिल्म या गाने से कोई लेना-देना नहीं है और वे प्रमोशन का हिस्सा भी नहीं बनेंगी।

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