जयपुर। कृषि एवं उद्यानिकी, ग्रामीण विकास, आपदा प्रबंधन, मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सवाई माधोपुर जिले के जिला कलक्ट्रेट सभागार में रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में राज्य बजट 2026-27 की प्रमुख विशेषताओं एवं सवाई माधोपुर जिले को मिली महत्वपूर्ण घोषणाओं के बारे में जानकारी दी। डॉ. मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट 8 करोड़ प्रदेशवासियों के प्रति सरकार के कर्तव्यों का दस्तावेज है, जो महिला, युवा, किसान, मजदूर एवं अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के कल्याण के लिए समर्पित है। मंत्री ने बताया कि 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये के आकार वाला यह बजट वर्ष 2023-24 की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है। यह आधारभूत विकास, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, ऊर्जा, कृषि, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, सुशासन एवं हरित विकास जैसे 10 प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। इसमें राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ प्रति व्यक्ति आय पहली बार 2 लाख रुपये से अधिक होने का अनुमान लगाया गया है। डॉ. मीणा ने कहा कि प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए राज्य बजट में राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी का गठन करने, 5 वर्षों में 4 लाख सरकारी नौकरियां देने के लक्ष्य की दिशा में भर्ती प्रक्रियाओं को गति देने, इंफ्रास्ट्रक्चर पर अब तका सबसे अधिक 3427 करोड़ पूंजीगत खर्च कर 42 हजार किलोमीटर की सड़के, आरयूबी एवं आरओबी पर 920 करोड़ रूपए व्यय किए जाएंगे। ग्रीष्म ऋतु में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराये जाने की दृष्टि से आगामी वर्ष में 600 ट्यूबेल व 1200 हेडपम्प लगाये जाना प्रस्तावित है वहीं अमृत 2.0 के तहत 3 लाख नए पेयजन कनेक्शन जारी किए जाएंगे, शिक्षा के लिए 69 हजार करोड़ रुपये तथा स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 32 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रावधान किए गए हैं। ग्रीन बजट, नमो नर्सरी, ऑक्सीजन जोन तथा रूरल महिला बीपीओ जैसे नवाचार भी इस बजट की प्रमुख विशेषताएं हैं।
सवाई माधोपुर को मिली विकास की सौगातें:-
डॉ. मीणा ने कहा कि जिले में आपदा प्रबंधन के तहत जड़ावता क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा दीवार, खेतों मे मिट्टी भराव सहित अन्य कार्यों पर लगभग 75 करोड़ रुपये व्यय किए जाने का प्रावधान राज्य बजट में किया गया है। साथ ही, युवाओं के लिए सवाई माधोपुर में फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (एफटीओ) की स्थापना तथा प्रत्येक जिले में उद्योगों से जुड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल डेवलपमेंट एंड वोकेशनल ट्रेनिंग प्रारम्भ किया जाएगा जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेगें। सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा जिले में 15 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न सड़कों का सुदृढ़ीकरण, खंडार क्षेत्र में 7 करोड़ रुपये की लागत से पुलियाओं का निर्माण तथा बामनवास क्षेत्र में नई सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। सूरवाल बांध के अतिरिक्त जल की सुरक्षित निकासी के लिए जल संसाधन विभाग एक परियोजना रिपोर्ट तैयार करेगा, 20 करोड़ रुपए की लागत से मोरेल बांध नहर प्रणाली के नवीनीकरण, 20 करोड़ रुपए की लागत से मोरेल नदी पर एनिकट निर्माण तथा 8 करोड़ रुपए की लागत से खण्डार उपखंड में मानसरोवर बांध की मरम्मत सहित कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। जिससे अतिवृष्टि से सुरक्षा एवं जलप्रबंधन के माध्यम से आसपास के गांवों में जल स्तर बढ़ेगा। मंत्री ने बताया कि ऊर्जा विभाग की ओर से चकेरी-सवाई माधोपुर में 132 केवी जीएसएस का निर्माण किया जाएगा। कृषि एवं विपणन के विभाग द्वारा सब्जी मंडी में विकास कार्य कराए जाएंगे। डॉ. मीणा के अनुसार, ग्रामीण विकास एवं महिला सशक्तीकरण की दिशा में नवाचार के तहत ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण हेतु जिला स्तर पर रूरल वूमन बीपीओ स्थापित किए जाएंगे। साथ ही 2,500 से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध रूप से ओपन जिम एवं खेल मैदान विकसित किए जाएंगे।
शहरी विकास एवं पर्यावरणीय संरक्षण:-
मंत्री ने बताया कि बजट के अनुसार, प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों के लिए मास्टर ड्रेनेज प्लान, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नीति, सार्वजनिक स्थलों पर ईको एवं कूलिंग शेल्टर तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए बंद दहन श्मशान भट्टियों की स्थापना की जाएगी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र जिला मुख्यालय पर मानसिक स्वास्थ्य देखभाल प्रकोष्ठ, जिला अस्पतालों में मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता एवं नशामुक्ति वार्ड स्थापित किए जाएंगे। शिक्षा के क्षेत्र में स्कूल टू वर्क कार्यक्रम, स्कूल ऑन व्हील्स तथा उद्योग आधारित कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
वन्यजीव एवं पर्यटन को बढ़ावा:-
डॉ. मीणा ने बताया कि राज्य सरकार के वन विभाग द्वारा राष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से सवाई माधोपुर में वन्यजीवों के उपचार हेतु विशेष उपचार केन्द्र स्थापित किया जाएगा। पर्यटन, सांस्कृतिक संरक्षण एवं स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने साथ ही, लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए संभाग स्तर पर लोक नृत्य उत्सव आयोजित किए जाएंगे।
अमरूद प्रोसेसिंग यूनिट एवं लटिया नाला अवसंरचना विकास के कार्य:-
उन्होंने बताया की आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा पंच गौरव योजना के तहत जिले में 150 करोड़ रूपए की लागत से अमरूद प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएगी साथ ही लटिया नाले की पक्की दीवार निमार्ण एवं डिसिल्टींग हेतु 220 करोड़ रूपए का प्रावधान किया जाएगा।डॉ. मीणा ने कहा कि राज्य सरकार पिछले वर्षों की बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है और लगभग 90 प्रतिशत तक घोषणाओं की क्रियान्विति इसका प्रमाण है। इस वर्ष का बजट प्रदेश को विकसित, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ वर्ष 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रावधानों से सवाई माधोपुर में आधारभूत विकास को गति मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आमजन के जीवन स्तर में व्यापक सुधार होगा। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी गण सहित मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।



