नई दिल्ली। बिहार का नाम आते ही जो सबसे पहला व्यंजन दिमाग में आता है, वह है लिट्टी-चोखा। यह सिर्फ एक पकवान नहीं, बल्कि बिहार की संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। सत्तू के तीखेपन और बैंगन के चोखे का सोंधापन जब देसी घी के साथ मिलता है, तो स्वाद का एक ऐसा स्पेशल कॉम्बिनेशन बनता है जिसे भूलना मुश्किल है। अगर आप भी घर पर बिल्कुल ऑथेंटिक बिहारी स्टाइल लिट्टी और चोखा बनाना चाहते हैं, तो ये रेसिपी आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट है। आइए जानें लिट्टी और चोखा बनाने की रेसिपी।
लिट्टी बनाने की विधि
सामग्री-
भुने हुए चने का सत्तू (2 कप)
बारीक कटा प्याज, लहसुन, अदरक और हरी मिर्च
अजवाइन और कलौंजी
आम या लाल मिर्च के अचार का मसाला और सरसों का तेल
बारीक कटा हरा धनिया और स्वादानुसार नमक
विधि-
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में सत्तू लें और उसमें ऊपर दी गई सभी सामग्रियां मिलाएं। सरसों का तेल और अचार का मसाला इसे वह खास बिहारी टच देता है। मिश्रण को अच्छी तरह मिला लें, ताकि सत्तू अच्छी तरह बंध सके।
अब अगला स्टेप है लिट्टी का आटा गूंथना। ध्यान रहे किलिट्टी का आटा न बहुत सख्त होना चाहिए और न ही बहुत नरम।
इसके लिए गेहूं के आटे में थोड़ा नमक, दो चम्मच देसी घी और हल्का गुनगुना पानी मिलाकर सख्त आटा गूंथ लें। आटे को 15-20 मिनट के लिए ढंक कर छोड़ दें। इसके बाद छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उनमें सत्तू का मिश्रण भरें और गोल आकार देकर बंद कर दें।
अब धीमी आंच पर लिट्टियों को पलट-पलट कर तब तक सेकें जब तक कि उन पर सुनहरे भूरे धब्बे न पड़ जाएं और उनमें दरारें न आने लगें। दरारें आना इस बात का संकेत है कि लिट्टी अंदर तक पक चुकी है।
बैंगन का चोखा बनाने की विधि
पारंपरिक रूप से चोखा आग पर भूनकर बनाया जाता है, जिससे इसमें सोंधापन आता है।
एक बड़ा गोल बैंगन और 2-3 टमाटर लें। बैंगन के बीच में चीरा लगाकर चेक कर लें और उसमें लहसुन की कलियां फंसा दें। अब इन्हें गैस की आंच या कंडे की आग पर भूनें।
भूनने के बाद इनका छिलका उतार लें। अब इसमें उबले हुए आलू, बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, खूब सारा हरा धनिया और कच्चा सरसों का तेल डालें।
इन सभी सामग्रियों को एक साथ हाथों से अच्छी तरह मैश करें।
सर्व कैसे करें?
लिट्टी-चोखा खाने का असली मजा देसी घी के बिना अधूरा है। गर्म-गर्म लिट्टी को हल्का सा फोड़ें और उसपर पिघला हुआ देसी घी डालें। इसे तैयार चोखे, तीखी हरी चटनी और प्याज के साथ परोसें।



