जयपुर। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ राजस्थान में एक अप्रैल से कई अहम बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और दिनचर्या पर पड़ेगा। जहां एक ओर कमर्शियल गैस सिलेंडर, हाईवे टोल, शराब और पर्यटन गतिविधियां महंगी हो गई हैं, वहीं स्कूल, आंगनबाड़ी और सरकारी अस्पतालों के समय में भी बदलाव किया गया है।
राज्य में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में करीब 195 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है। जयपुर में इसकी कीमत 1911 रुपए से बढ़कर 2106 रुपए हो गई है। इस बढ़ोतरी का असर होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट के साथ-साथ शादी-ब्याह की कैटरिंग पर भी पड़ सकता है।
प्रदेश के 170 से अधिक टोल प्लाजाओं पर टोल दरों में वृद्धि की गई है। निजी वाहनों पर असर सीमित है, लेकिन कमर्शियल और भारी वाहनों के लिए 5 से 30 रुपए तक टोल बढ़ाया गया है। रिंग रोड पर हल्के वाहनों की दरें यथावत रखी गई हैं।
वाहन चालकों के लिए वार्षिक फास्टैग पास की कीमत 3000 रुपए से बढ़ाकर 3075 रुपए कर दी गई है। इस पास से एक वर्ष में 200 बार टोल पार करने की सुविधा मिलती है।
नई आबकारी नीति के तहत प्रदेश में शराब की कीमतों में 5 से 20 प्रतिशत तक इजाफा किया गया है। इससे उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ेगा, हालांकि सरकार को इससे अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।
रणथंभौर नेशनल पार्क और सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघों के दीदार के लिए अब ज्यादा शुल्क देना होगा। वन विभाग ने प्रवेश शुल्क, वाहन शुल्क और कैमरा फीस में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, जो अगले दो वर्षों तक लागू रहेगी।
टाइगर रिजर्व में सफारी का समय भी बदला गया है। अब सुबह की पारी 6 बजे से 9:30 बजे तक और शाम की पारी 3 बजे से 6:30 बजे तक चलेगी। वहीं आमेर किला में हाथी सवारी का समय सुबह 7 से 10:30 बजे तक निर्धारित किया गया है।
नए शिक्षण सत्र की शुरुआत के साथ प्रदेश में स्कूलों का समय ग्रीष्मकालीन कर दिया गया है। एक पारी स्कूल सुबह 7:30 से दोपहर 1 बजे तक और दो पारी स्कूल सुबह 7 से शाम 6 बजे तक संचालित होंगे।
आंगनबाड़ी केंद्र अब सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक खुलेंगे, जिससे छोटे बच्चों को गर्मी से राहत मिल सके।
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में भी नई समय सारिणी लागू कर दी गई है। अब ओपीडी सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक चलेगी। राजकीय अवकाश के दिन सुबह 9 से 11 बजे तक ओपीडी रहेगी, जबकि इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे जारी रहेंगी।



