जमवारामगढ़। राजकीय पी.जी महाविद्यालय जमवारामगढ़ में शनिवार दिनांक 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर राष्ट्रीय सेवा योजना राजस्थान राज्य महिला नीति 2021 एवं महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में व्याख्यान माला आयोजित की गई। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रभारी डॉ नीलम चारण, राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर राजेश आर्य, महिला नीति प्रभारी प्रोफेसर सेहमा खान, प्रोफेसर शिवकुमार मीणा,हिंदी की सहायक आचार्य पूजा रोनिजा, डॉ अनुजा तिवारी एवं बीएससी प्रथम की छात्रा नीलम मीना रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर मनोज गौतम ने की। डॉ नीलम चारण ने अपने उद्बबोधन में बताया कि भारतीय संस्कृति में गार्गी, मैत्री एवं लोपामुद्रा जैसी विदुषी स्त्रियां हुई है जो महिला सशक्तिकरण की प्रतीक हैं। प्रोफेसर राजेश आर्य ने 2025 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की थीम एक्सीलरेट एक्शन की प्रासंगिकता को रेखांकित किया तथा सशक्त एवं राजनीतिक, सामाजिक विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में सफल महिलाओं के उदाहरण दिए। डॉ सेहमा खान ने कहा कि वह एक महिला है मुझे इस पर गर्व है, महिला सशक्तिकरण की शुरुआत अपने घर से करनी चाहिए। सहायक आचार्य पूजा रोनीजा ने कहा कि महिला अपने प्रकृति प्रदत्त गुणो को पहचान कर स्वयं का विकास करें। बीएससी प्रथम की छात्रा नीलम मीना ने शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की उपलब्धियां को रेखांकित किया। एनएसएस एवं राजस्थान राज्य महिला नीति की ओर से व्याख्यान देने वाली डॉ नीलम चारण, डॉअनुजा तिवारी, पूजा रोनिजा एवं बीएससी प्रथम की छात्रा नीलम मीना को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया। प्रोफेसर मनोज गौतम ने अपने अध्यक्षीय उदबोधन में कहा कि महिला सशक्त होगी तभी देश आगे बढ़ेगा।प्रोफेसर शिवकुमार मीणा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पीजी कॉलेज जमवारामगढ़ में व्याख्यान माला का आयोजन
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