कभी-कभी व्यक्ति के जीवन में कुछ परेशानियां ऐसी आ जाती हैं, जिससे वह पूरी तरह से निराश हो जाता है। उसको समझ नहीं आता कि वह अपनी समस्याओं से छुटकारा कैसे पाए। ऐसे में अगर आप भी ऐसी समस्याओं से घिरे रहते हैं, तो वास्तु समाधान आपके काम आ सकता है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर में हनुमान की पंचकोणीय प्रतिमा स्थापित करने घर में कभी दुर्भाग्य नहीं आता है। वहीं हनुमान जी को संकटमोचक भी कहा जाता है। इनके स्मरण मात्र से जातक को सभी समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि हनुमान जी के पंचमुखी अवतार का महत्व क्या है और इसको किस दिशा में लगाना शुभ माना जाता है।
पंचमुखी हनुमान के पांच मुख का महत्व
वास्तु के अनुसार, अगर आप अपने घर में पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर लगाते हैं, तो इससे घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। इस तस्वीर को लगाने से निगेटिव एनर्जी दूर हो जाती है। हनुमान जी के पांच मुखों के अलग-अलग अर्थ हैं। हनुमान जी के ये सभी चेहरे अलग-अलग दिशाओं को देखते हैं। पूर्व दिशा में मुख शत्रुओं को परास्त करते हुए है। पश्चिम दिशा में गरुड़ मुख है, जो जीवन की समस्याओं और बाधाओं को दूर करने वाला है। उत्तर की ओर वाराह मुख है और इसको प्रसिद्धि व शक्ति का तत्व माना जाता है। दक्षिण दिशा की ओर नृसिंह मुख है, जोकि जीवन के भय को दूर करता है। आकाश की ओर दिव्य घोड़े का मुख है, जो लोगों की मनोकामनाएं पूरी करता है।


