कांग्रेस स्थापना दिवस पर खरगे का हमला—“सत्ता कम हो सकती है, लेकिन कांग्रेस की रीढ़ अब भी सीधी है

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नई दिल्ली। कांग्रेस के 140वें स्थापना दिवस के मौके पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश में संविधान और लोकतंत्र दोनों खतरे में हैं और कांग्रेस इनकी रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी। खरगे ने कहा कि 28 दिसंबर 1885 को मुंबई में कांग्रेस की स्थापना हुई थी और आज़ादी से पहले 62 वर्षों तक कांग्रेसजनों ने अंग्रेज़ों के खिलाफ संघर्ष, त्याग और बलिदान दिया। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके सपनों के भारत के निर्माण के लिए कांग्रेस निरंतर प्रयास करती रहेगी। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने किसानों, मजदूरों, महिलाओं और गरीब तबकों को साथ जोड़कर आज़ादी की लड़ाई लड़ी। 1931 में कांग्रेस द्वारा तय किए गए मौलिक अधिकार आज संविधान का हिस्सा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज संविधान, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय पर सुनियोजित हमले हो रहे हैं। खरगे ने कहा कि 2025 और 2026 कांग्रेस के लिए ऐतिहासिक वर्ष हैं। महात्मा गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने की शताब्दी, संविधान की 75वीं वर्षगांठ, वंदे मातरम की 150वीं जयंती और 2026 में दादा भाई नौरोजी की 200वीं जयंती जैसे ऐतिहासिक अवसर कांग्रेस की वैचारिक विरासत को याद दिलाते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में हरित क्रांति, श्वेत क्रांति, आर्थिक उदारीकरण, आईटी और शिक्षा के क्षेत्र में देश ने वैश्विक पहचान बनाई। सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार और डॉ. मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री कार्यकाल में आरटीआई, मनरेगा, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा का अधिकार और वन अधिकार जैसे ऐतिहासिक कानून बने। मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए खरगे ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में कांग्रेस द्वारा बनाए गए संस्थानों को कमजोर किया गया है, मनरेगा को नष्ट करने की कोशिश हो रही है और चंद पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए कानून बदले गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सच छिपाने के लिए जनगणना तक नहीं कराई जा रही। कांग्रेस अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से मनरेगा बचाने के लिए दांडी मार्च और भारत जोड़ो आंदोलन जैसी भावना के साथ जन-जन तक पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस सत्ता में न भी हो, लेकिन संविधान, धर्मनिरपेक्षता और गरीबों के अधिकारों से कभी समझौता नहीं करेगी। अंत में खरगे ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ चुनाव की नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की रक्षा की है। कांग्रेस यह लड़ाई इसलिए लड़ रही है क्योंकि अगर कांग्रेस नहीं लड़ेगी तो संविधान और लोकतंत्र को बचाने का काम कौन करेगा।

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