जोधपुर। जिला प्रशासन, लघु उद्योग भारती, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र तथा उद्यम प्रोत्साहन संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव–2026 के अंतर्गत रविवार को प्रदेश स्तरीय महिला उद्यमी सम्मेलन का गरिमामय आयोजन किया गया। सम्मेलन की मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री, राजस्थान दीया कुमारी रहीं। उन्होंने सम्मेलन को महिला नेतृत्व, स्वावलंबन और औद्योगिक सशक्तिकरण की दिशा में निर्णायक कदम बताते हुए कहा कि “जब उद्यमिता की कमान महिलाओं के हाथ में होती है, तब अर्थव्यवस्था के साथ–साथ समाज भी सशक्त होता है। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने जोधपुर की गौरवशाली धरती पर आयोजित इस सम्मेलन के लिए आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के निर्माण में लघु, कुटीर एवं हस्तशिल्प उद्योगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पर्यावरण–संरक्षण, स्वदेशी को बढ़ावा और स्थानीय कलाकारों–व्यापारियों को मंच देने वाले ऐसे आयोजनों से टिकाऊ औद्योगिक वातावरण विकसित होता है। उन्होंने महिला उद्यमियों को वित्तीय संस्थाओं से जोड़कर ऋण उपलब्ध कराने, उत्पादों के विपणन, हस्तशिल्प प्रदर्शनियों, संसाधन उपलब्धता, प्रशिक्षण, नई तकनीकों और योजनाओं की जानकारी देकर जागरूक बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि “महिलाओं की भागीदारी—सफलता की गारंटी है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना में महिला नेतृत्व निर्णायक है। “राजस्थान केवल भौगोलिक प्रदेश नहीं, बल्कि विचार, संस्कृति और उद्यमशीलता की परंपरा है,” जहाँ हर जिले–गाँव का कोई न कोई उत्पाद महिलाओं के परिश्रम और सपनों से जुड़ा है। उन्होंने रेखांकित किया कि आज की नारी सहायक नहीं, बल्कि नेतृत्वकारी भूमिका में खड़ी है—जो परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए अवसर सृजित करती है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मुद्रा योजना, स्टार्टअप इंडिया, पीएम विश्वकर्मा योजना और स्वयं सहायता समूह जैसी पहलों ने महिलाओं को आर्थिक प्रगति की मुख्यधारा में लाया है। वहीं राजस्थान में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में नीति–स्थिरता, प्रशासनिक पारदर्शिता और उद्योग–अनुकूल वातावरण तेज़ी से विकसित हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “Rising Rajasthan केवल नारा नहीं—यह निवेश, नवाचार और महिला नेतृत्व के लिए तैयार राज्य का संदेश है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता महिलाओं को सरल ऋण सुविधा, कौशल विकास, प्रशिक्षण, सुरक्षा–स्वास्थ्य, डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना और उनके उत्पादों को Local to Global पहुँच दिलाना है। उन्होंने महिला उद्यमियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आप कमजोर नहीं, संभावनाओं से भरी हैं। आपका आत्मविश्वास राजस्थान की पहचान और आपका परिश्रम भारत की शक्ति है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाला समय महिला उद्यमिता का स्वर्ण युग होगा और राजस्थान पर्यटन–संस्कृति के साथ–साथ उद्योग और महिला नेतृत्व में भी देश का अग्रणी राज्य बनेगा। इस अवसर पर सूरसागर विधायक श्री देवेंद्र जोशी सहित अंजु बजाज, अंजू सिंह, संयुक्त निदेशक (जिला उद्योग केन्द्र) पूजा मेहरा सुराणा, प्रियंवदा, रूमादेवी तथा एसीपी छवि शर्मा उपस्थित रहीं। सम्मेलन में महिला उद्यमियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता और विचार–विमर्श ने आयोजन को प्रेरक बनाया।

जोधपुर: जब महिला नेतृत्व संभालती है, तब उद्योग केवल व्यापार नहीं, समाज परिवर्तन का माध्यम बन जाता है— उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी
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