– जनहित को जोखिम में डालने वाले वाहन स्वामियों के विरुद्ध परिवहन विभाग सख्त, 35 लाख रुपए की बकाया राशि भी वसूलनी शेष
जोधपुर। जिले में ओवरलोड मालवाहन संचालन पर प्रभावी नियंत्रण हेतु जिला परिवहन विभाग द्वारा सख्त कार्यवाही की जा रही है। खान एवं भूविज्ञान विभाग, राजस्थान से प्राप्त ई-रवन्ना का विश्लेषण करने पर यह तथ्य सामने आया कि दिनांक 01 जनवरी 2020 से 30 जून 2025 की अवधि में अनेक वाहन निर्धारित भार सीमा से अधिक माल परिवहन कर संचालित हो रहे थे, जिनके विरुद्ध ई-रवन्ना के आधार पर चालान बनाए गए। जिला परिवहन अधिकारी प्रथम, जोधपुर ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 53(1)(a) के अंतर्गत ऐसे वाहनों के पंजियन प्रमाण पत्र निलंबन की कार्यवाही प्रारंभ की गई। उक्त प्रावधान के तहत संबंधित वाहन स्वामियों को उनके पंजियन प्रमाण पत्र में अंकित पते पर पंजीकृत डाक द्वारा नोटिस भेजे गए तथा सुनवाई हेतु अवसर प्रदान किया गया। किन्तु अधिकांश वाहन स्वामी या उनके प्रतिनिधि नियत तिथि तक न तो उपस्थित हुए और न ही अपने वाहनों को निरीक्षण हेतु प्रस्तुत किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि वाहन स्वामी ओवरलोडिंग के अपराध को स्वीकार कर रहे हैं। जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि वाहन संख्या वार प्राप्त विवरणों के आधार पर यह पाया गया कि 01 जनवरी 2020 से 30 जून 2025 तक ओवरलोड संचालन कोई आकस्मिक गतिविधि नहीं थी, बल्कि यह वाहन स्वामियों द्वारा इरादतन और व्यावसायिक लाभ हेतु आमजन की सुरक्षा से समझौता करते हुए किया गया कार्य था। प्राप्त तथ्यों एवं निरीक्षण के आधार पर जनहित में यह निर्णय लिया गया कि ऐसे 287 ओवरलोड वाहनों के पंजियन प्रमाण पत्र निलंबित किए जाएं। इन वाहनों के बॉडी ढांचे में किए गए अवैध परिवर्तन भी केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम, 1988 एवं मोटर वाहन नियम, 1989 के प्रतिकूल पाए गए हैं। इन वाहनों का भौतिक निरीक्षण क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, जोधपुर में कराए जाने के बाद ही उनके प्रमाण पत्र बहाल किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, इन वाहनों पर ₹35 लाख की बकाया राशि भी शेष है, जिसकी वसूली की प्रक्रिया गतिमान है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निलंबन की अवधि में इन वाहनों का संचालन पूर्णतः प्रतिबंधितरहेगा।

जोधपुर : ओवरलोड संचालन पर बड़ी कार्यवाही : 287 वाहनों के पंजियन प्रमाण पत्र निलंबित
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