जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के भ्रष्टाचार, अतिक्रमण एवं अनियमितताओं के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस और सुशासन के विजन के अनुरूप जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में जेडीए के प्रवर्तन दस्ते ने सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माणों के प्रभावी ध्वस्तीकरण के लिए विशेष जीरो टॉलरेंस अभियान प्रारम्भ किया है। जयपुर विकास प्राधिकरण के इस विशेष अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन मती शिल्पा चौधरी ने बताया कि आयुक्त सिद्धार्थ महाजन के निर्देशानुसार जोन-12 के क्षेत्राधिकार में अवस्थित ग्राम माचवां, जिला जयपुर के खसरा नं. 457/1077 मे करीब 1.5 बीघा बेशकीमती सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर बनाये गये कमरा, टीनशेडनुमा संरचना, बाउण्ड्रीवाल, अन्य सामान डालकर अतिक्रमण किये जाने की सूचना प्राप्त होने पर किये गये अतिक्रमण को प्रवर्तन अधिकारी जोन-12 की मौजूदगी में आज जोन-12 के राजस्व व तकनीकी स्टॉफ, की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा जेसीबी मशीन मजदूरों की सहायता से हटवाया जाकर बेशकीमती सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया। उल्लेखनीय है कि प्रवर्तन प्रकोष्ठ द्वारा शनिवार को जेडीए की योजना ‘देव विहार’ के खसरा नंबर 748 में स्थित करीब 15 बीघा बेशकीमती सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया। इस भूमि पर अतिक्रमियों द्वारा कच्चे-पक्के मकान, टीनशेड, लेटबाथ, बाउंड्रीवाल, झुग्गी-झोपड़ियां, छप्परपोश, सीमेंट के पिल्लर गाड़कर तारबंदी व कांटों की बाड़ लगाकर तथा मिट्टी के बर्तन व भट्टियां रखकर अवैध कब्जा कर लिया गया था। जेडीए के राजस्व व तकनीकी स्टाफ की निशानदेही पर प्रवर्तन दस्ते ने जेसीबी मशीनों व मजदूरों की सहायता से इन सभी अवैध ढांचों को ध्वस्त कर दिया। जेडीए अधिकारियों के अनुसार, मुक्त करवाई गई इस बेशकीमती सरकारी भूमि की अनुमानित कीमत करीब 30 करोड़ रुपए आंकी गई है। इसी प्रकार रविवार को जोन-5ए के क्षेत्राधिकार में अवस्थित त्रिवेणी नगर के पास 10बी विस्तार योजना के भूखण्ड संख्या 45 में अवैध निर्माण किये जाने पर पर निर्माणकर्ता को धारा 32, 33 जेडीए एक्ट के तहत नोटिस जारी कर अवैध निर्माण हटाने हेतु पाबंद किया गया था। परन्तु निर्माणकर्ता द्वारा अवैध निर्माण नहीं हटाने पर सक्षम स्तर से स्वीकृति प्राप्त कर धारा 34 (क) का नोटिस जारी कर आज दिनांक 08.03.2026 को उक्त अवैध निर्माण के प्रवेश द्वारों को इंजीनियरिंग शाखा की मदद सेे ईटो की दिवार चुनवाकर ताला सील चपडी लगाकर नियमानुसार पुख्ता सीलिंग की कार्यवाही की गई। इसके अतिरिक्त शुक्रवार को भी जोन-12 के क्षेत्राधिकार में अवस्थित कालवाड रोड ग्राम मुण्डोता, जिला जयपुर मे जेडीए स्वामित्व की करीब 06 बीघा बेशकीमती सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर सिमेन्ट के पिल्लर गाडकर तारबंदी कर अतिक्रमण किये जाने की सूचना प्राप्त होने पर किये गये अतिक्रमण को प्रवर्तन अधिकारी जोन-12 की मौजूदगी में आज जोन- 12 के राजस्व व तकनीकी स्टॉफ, की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा जेसीबी मशीन मजदूरों की सहायता से हटवाया जाकर बेशकीमती सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया। जेडीए द्वारा जोन-12 के क्षेत्राधिकार में अवस्थित ग्राम निवारू के पास, जिला जयपुर के खसरा नं. 281 व 294 मे करीब 03 बीघा निजी खातेदारी की कृषि भूमि पर जेडीए की बिना स्वीकृति-अनुमोदन के एवं बिना भू रूपान्तरण करवायें भूमि को समतल कर बनाई गई मिटटी-ग्रेवल सडकें निमार्णाधीन दो प्लॉटों की बाउण्ड्रीवाल व अन्य अवैध निर्माण कर नवीन अवैध कॉलोनी बसाने की सूचना प्राप्त होने पर आज जोन-12 के राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा जेसीबी मशीन व मजदूरों की सहायता से प्रारिम्भक स्तर पर ही ध्वस्त किया जाकर नवीन अवैध कॉलोनी बसाने के प्रयास को विफल किया गया। उन्होंने बताया कि आमजन स्वयं उपस्थित होकर या कन्ट्रोल रूम हेल्पलाईन नं. 0141 2565800, 0141 2575252, 01412575151 पर 24X7; हेल्पलाईन 181 राजस्थान सम्पर्क पोर्टल एवं मेल dig.jda@rajpolice.gov.in, cce.jda@rajasthan.gov.in, enforcement.jda@rajasthan.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते है। उक्त समस्त कार्यवाहियां उपनियंत्रक प्रवर्तन, संबंधित प्रवर्तन अधिकारी तथा प्राधिकरण में उपलब्ध जाप्ते, लेबर गार्ड एवं जोन में पदस्थापित राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा सम्पादित की गई।

अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण के लिए जेडीए के जीरो टॉलरेंस अभियान का हुआ आगाज़
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