जयपुर। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने युवाओं का आह्वान किया है कि वे देश-दुनिया की विभाजनकारी ताकतों से सावधान रहें और राष्ट्रीय एकता और अखण्डता की भावना को बढ़ावा देने का संकल्प लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लक्षित @ 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी और अहम भूमिका निभायें। साथ ही युवा अपने-अपने क्षेत्रों में भारत महान की अलख भी जगाए। श्री देवनानी बुधवार को जयपुर के एस.एस. जैन सुबोध पीजी कॉलेज में भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय और राष्ट्रीय सेवा योजना जयपुर के क्षेत्रीय निदेशालय द्वारा आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय एकता शिविर के समापन अवसर पर शिविरार्थियों को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। इस शिविर में 11 राज्यों के 200 युवाओं ने भाग लिया। जिसमें 100 छात्र और इतनी ही छात्राएं शामिल हुई। विधानसभाध्यक्ष श्री देवनानी ने दक्षिण एशिया में हो रही घटनाओं की चर्चा करते हुए युवाओं से अपील की कि वे राष्ट्रीय एकता और अखण्डता को सर्वोपरी मानते हुए अपने आपको राष्ट्र को समर्पित करने की भावना का विकास करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता शिविर का मुख्य उद्देश्य भी युवाओं को एक मंच पर लाकर राष्ट्रीय एकता, अखण्डता, भाईचारे और सद्भावना की भावना को सुदृढ करना ही है। यह शिविर भारतीय विचारधारा के प्रतीक है जहां शिक्षा, संस्कार, संस्कृति सहयोग, सहभागिता, भाईचारा और सामाजिक उत्तरदायित्व एक साथ आगे बढते है। भारतीय संस्कृति इतनी अधिक सहिष्णुता वाली है जहां हम जीव मातृ पर दया कर चिटियों को भी आटा खिलाते है। साथ ही यह शिविर विविधता में एकता वाले हमारे देश में ‘ एक भारत श्रेष्ठ ’ भारत की भावना को भी आगे बढाने वाला एक उपयोगी आयोजन है।
श्री देवनानी ने युवाओं से अपील की कि वे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास की कार्यशैली को अंगीकार करें और आपसी विश्वास, संवाद और सहभागिता की भावना से कार्य करते हुए आगे बढे। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी ने युवाओं से कहा था कि ‘’उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रूको।‘’ इसी प्रकार पश्चिमी बंगाल के हमारे गौरव सुभाष चन्द्र बोस ने भी देश की आजादी की लडाई लडी थी। युवाओं को इस भावना के साथ अपने जीवन का लक्ष्य तय करते हुए तथा आधुनिक विज्ञान एवं तकनीकी से सुशिक्षित होकर एक अच्छा नागरिक बनने के साथ ही समाज की कमजोर वर्गों के लिए कार्य करने की प्रेरणा भी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह शिविर तभी सार्थक कहा जायेगा, जबकि भारत के युवा तेजी से आगे बढते हुए अपने देश की मुख्य धारा से जुड़कर आगे बढे। विधानसभाध्यक्ष ने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने मन में मेरा भारत महान है कि भावना का विकास करें और गुलामी काल से ही भरी हुई हीनभावना से उभरकर दुनिया को यह दिखाने का साहस करें कि भारत पहले भी किसी से कम नहीं था और आज भी किसी से कम नहीं है। विधानसभाध्यक्ष ने युवाओं से कहा कि वे केवल किताबी ज्ञान ही नहीं लें बल्कि उससे बाहर निकलकर अपने जीवन में व्यावहारिक ज्ञान को अपनाएं तथा राष्ट्र प्रेम और भक्ति को सबसे ऊपर रखते हुए स्वावलम्बी बनने का लक्ष्य बनाये। उन्होंने कहा कि आज के युवा को योग के महत्व को भी समझना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से पूरे विश्व ने योग के महत्व को समझा है तथा पूरे विश्व में 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। श्री देवनानी ने युवाओं से अपील की वे प्रधानमंत्री जी की भावना के अनुरूप पर्यावरण, प्रदूषण और स्वच्छता जैसे अभियानों की सफलता में भी अपना सक्रिय योगदान प्रदान करें। इस अवसर पर राजस्थान, जम्मू कश्मीर, महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली के शिविर प्रभारियों एवं छात्र-छात्राओं ने शिविर के संबंध में अपने अनुभव भी सुनाए। विधानसभाध्यक्ष श्री देवनानी ने विभिन्न राज्यों से राष्ट्रीय एकता शिविर में आए युवाओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किये। साथ ही उनके साथ सामूहिक चित्र भी खिंचवाये।



