जयपुर। प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत समस्त विद्यार्थियों में समसामयिक विषयों की समझ विकसित करने, पठन-पाठन की आदत को मजबूत करने तथा भाषा कौशल में सुधार के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने एक सराहनीय और अभिनव पहल की है। इसके तहत राजस्थान के सभी राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए दैनिक अखबार पढ़ना अनिवार्य किया गया है। इस पहल के अंतर्गत विद्यालयों की प्रार्थना सभा में प्रतिदिन 10 मिनिट प्रमुख राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय एवं खेलकूद समाचारों के प्रमुख संपादकीय और प्रमुख समाचार घटनाक्रम का वाचन किया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों की शब्दावली सुदृढ़ करने के लिए रोजाना पांच नए शब्दों का अर्थ सहित परिचय कराया जाएगा। इसके लिए कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को दायित्व सौंपा जाएगा। इस संबंध में स्कूल शिक्षा के सचिव श्री कृष्ण कुणाल ने आदेश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थियों में समाचारों के प्रति रुचि बढ़ेगी, सामान्य ज्ञान में विस्तार होगा तथा भाषा एवं अभिव्यक्ति क्षमता में सकारात्मक सुधार आएगा। यह कदम विद्यार्थियों को जागरूक, विचारशील और आत्मविश्वासी नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इसके अलावा नो बैग के दिन सामूहिक सभा का आयोजन कर सत्ता की गतिविधियों पर चर्चा करायी जाएगी।
यह दिए गए हैं दिशा निर्देश
उच्च माध्यमिक विद्यालय में न्यूनतम दो अखबार (एक अंग्रेजी, एक हिन्दी भाषा का) मंगवाया जाएं।
प्रत्येक राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में दो अखबार हिन्दी भाषा के मंगवाए जाएं।
अंग्रेजी राजकीय विद्यालयों में न्यूनतम 2 अखबार (1 अंग्रेजी, 1 हिन्दी भाषा का) मंगवाए जाएं।
प्रार्थना सभा के दौरान एक अंग्रेजी व एक हिन्दी के राष्ट्रीय स्तर के अखबार का वाचन कराया जाए।
इनका कहना है
शिक्षा विभाग की इस पहल से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय एवं खेलकूद संबंधी जानकारी प्राप्त होगी तथा उनमें पढ़ने की आदत विकसित होगी। – श्री कृष्ण कुणाल, सचिव, स्कूल शिक्षा।


