जयपुर: बीज विधेयक 2025 की समीक्षा बैठक— बीज विधेयक 2025 किसान हितों की रक्षा में ऐतिहासिक कदम —कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री —कृषि विभाग की सफलता की कहानियां, पुस्तिकाओं का विमोचन

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जयपुर। भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित बीज विधेयक 2025 पर मंगलवार को पंत कृषि भवन के सभा कक्ष में कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल की अध्यक्षता में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बीज विधेयक 2025 के विभिन्न प्रावधानों, उनके व्यावहारिक प्रभाव तथा किसानों को होने वाले प्रत्यक्ष लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई। डॉ. किरोड़ी लाल ने कहा कि यह विधेयक किसानों के अधिकारों की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता तथा कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता लाने वाला एक दूरदर्शी कानून सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है और बीज विधेयक 2025 से खेती में सुधार और प्रदेश की पैदावार में आशातीत वृद्धि होगी। जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और हमारा कृषक आत्म निर्भर बन सकेगा। उल्लेखनीय है कि कृषि मंत्री द्वारा इस वर्ष कृषि उर्वरक, बीज व पैस्टिसाइड बनाने वाले विनिर्माताओं एवं विक्रेताओं की जाँच की गई जिसमें काफी अनियमितताएं पाई गईं इसके साथ ही उन्होंने किसानों को आ रही परेशानियों को भी धरातल पर जाकर सुना और समझा। जिससे डॉ किरोड़ी लाल ने सबसे पहले केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री को सीड बील में बदलाव करने के लिए पत्र लिखकर बीज में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाने के लिए सुझाव दिया और केंद्र सरकार द्वारा इनकी बात मानते हुए सीड बिल 2025 लाया गया। अब जल्द ही उर्वरक व पेस्टिसाइड बिल भी लाये जा रहे हैं। बैठक में सवाई माधोपुर में 18 व 19 जनवरी 2026 को आयोजित किये जा रहे अमरूद महोत्सव एवं उन्नत कृषि तकनीकी मेले की भी समीक्षा की गई। डॉ किरोड़ी लाल ने आयोजित किये जा रहे अमरूद महोत्सव की विस्तार से जानकारी ली और उन्होंने अधिकारियों को महोत्सव में आने वाले किसानों के ठहरने, खाने-पीने एवं ट्रांसपोर्ट की उत्तम व्यवस्था करने के निर्देश दिये। उन्होंने बैठक में अमरूद की विभिन्न किस्मों एवं प्रोसेसिंग के बाद बनाये जा रहे विभिन्न उत्पादों की भी विस्तार से जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि अमरूद सवाई माधोपुर के पंच गौरवों में शामिल है। अमरूद महोत्सव का उद्देश्य अमरूद को न केवल फल नहीं बल्कि जिला गौरव, आजीविका एवं उद्यमिता का प्रतीक बनाना है। अमरूद एक कम अवधि में उत्पादन देने वाली पोषण से भरपूर एवं बहु उपयोगी फल फसल है। सवाई माधोपुर जिले में वर्तमान में 15 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में 20 हजार से अधिक किसानों द्वारा अमरूद की व्यावसायिक खेती की जा रही है। डॉ किरोड़ी लाल द्वारा पंत कृषि भवन में समन्वित कृषि प्रणाली से समृद्ध किसानों की सफलता की कहानियां एवं जैविक खेती से समृद्ध कृषकों की सफलता की कहानियां पुस्तिकाओं का विमोचन किया गया। बैठक में प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्रीमती मंजू राजपाल, आयुक्त कृषि सुश्री चिन्मयी गोपाल, आयुक्त उद्यानिकी श्रीमती शुभम चौधरी, निदेशक राजस्थान राज्य जैविक बीज प्रमाणिकरण संस्था श्री के सी मीणा, अतिरिक्त निदेशक कृषि (आदान) श्री गोपाल लाल, अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार) श्री एस एस शेखावत सहित विभागीय अधिकारी एवं सवाई माधोपुर से कृषि एवं उद्यानिकी अधिकारी उपस्थित रहे।

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