जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि समाचार पत्र समाचार के साथ ही विचार के भी संवाहक बने। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता को वंचितों की आवाज होना चाहिए। राज्यपाल गुरुवार को नेशनल मीडिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोक शिक्षा का बड़ा माध्यम है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में पत्रकारिता की भूमिका की चर्चा करते हुए कहा कि उस समय लोगों को जागरूक करने का कार्य मीडिया ने किया। राज्यपाल ने कहा कि हर वर्ष देश में 30 मई को भारतीय पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है। इस दिन पहले हिंदी, भारतीय दृष्टिकोण के अखबार ‘उदंत मार्तंड’ का प्रकाशन हुआ था। इसे जुगल किशोर शुक्ल ने शुरू किया। देश में 29 जनवरी 1780 को पहला अंग्रेजी अखबार ‘हिक्की गजट’ निकला था। पर यह परस्पर सूचना देने का गजट मात्र था। बागडे ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ इसीलिए कहा गया हैं कि यह जनता के अधिकारों की रक्षा करने के साथ उन्हें कर्तव्यों के प्रति जागरूक करता है। उन्होंने पत्रकारिता और अन्य क्षेत्रों के उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया।

जयपुर: पत्रकारिता लोक शिक्षा का बड़ा माध्यम— पत्रकारिता को वंचितों की आवाज बनना चाहिए – राज्यपाल
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