जयपुर: देश में पहली बार अमरूद महोत्सव का आयोजन सवाई माधोपुर में— किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महोत्सव ऐतिहासिक पहल —डॉ. किरोड़ी लाल मीणा

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जयपुर। सवाई माधोपुर के 263वें स्थापना दिवस को इस वर्ष बाघ महोत्सव एवं अमरूद महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा है कि यह सवाईमाधोपुर सहित पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि देश में पहली बार अमरूद महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक आयोजन का शुभारंभ 18 जनवरी को प्रातः 11 बजे लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि किसानों की मेहनत और जिले की कृषि पहचान को राष्ट्रीय मंच देने का प्रयास है।श्री मीणा ने कहा कि अमरूद महोत्सव एवं उन्नत कृषि तकनीकी मेला-2026 केवल उत्सव नहीं बल्कि किसानों के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी कदम है। जिले के किसान उच्च गुणवत्ता का अमरूद उत्पादन कर रहे हैं, जिसकी मांग देश ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी लगातार बढ़ रही है। अब आवश्यकता है कि इस पहचान को एक संगठित मंच देकर किसानों को बेहतर मूल्य, तकनीक और बाजार से जोड़ा जाए। कृषि मंत्री ने बताया कि यह दो दिवसीय आयोजन किसानों के लिए ज्ञान, नवाचार और अवसरों का संगम होगा। इसमें आधुनिक खेती, स्मार्ट फार्मिंग, कृषि यंत्रीकरण, ड्रोन तकनीक, हाई-टेक बागवानी, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन से जुड़े नवाचारों को प्रत्यक्ष रूप से देखने और सीखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रतिदिन हजारों किसान इस मंच से जुड़कर अपनी खेती को अधिक लाभकारी बनाने के गुर सीखेंगे। मरूद की मिठास को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में पहल— डॉ. मीणा ने कहा कि उन्होंने जिले के किसानों से वादा किया था कि सवाई माधोपुर के अमरूद की मिठास को प्रदेश ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई जाएगी। अमरूद महोत्सव उसी संकल्प की पहली ठोस शुरुआत है। इस पहल से स्थानीय किसानों, बागवानों और युवाओं को नई तकनीकों, बाजार की समझ और मूल्य संवर्धन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिलेंगी, जिससे वे अपनी आय बढ़ाने में सक्षम होंगे। उन्होंने बताया कि सवाई माधोपुर जिले में वर्तमान में 15 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में अमरूद की खेती की जा रही है तथा प्रतिवर्ष लगभग 4 लाख मीट्रिक टन उत्पादन से 6 से 7 अरब रुपये का कारोबार होता है। इस संभावनाशील क्षेत्र को संगठित मंच देकर वैज्ञानिक, व्यापारी और किसान के बीच सीधा संवाद स्थापित करना ही अमरूद महोत्सव का मूल उद्देश्य है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह आयोजन आने वाले वर्षों में सवाई माधोपुर को अमरूद उत्पादन और निर्यात के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। डॉ. मीणा ने कहा कि सवाई माधोपुर की असली ताकत इसकी मिट्टी, इसके मेहनतकश किसान और स्थानीय उत्पाद हैं। अमरूद, पारंपरिक शिल्प और श्रमशील लोग जिले की वास्तविक संपदा हैं। जब किसान, युवा और उद्यमी विकास की प्रक्रिया से जुड़ेंगे , आत्मनिर्भर और सशक्त सवाई माधोपुर का निर्माण संभव होगा । इसी सोच के साथ अमरूद महोत्सव को पंच गौरव की भावना से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि महोत्सव में अमरूद की विभिन्न किस्मों की प्रदर्शनी, फल-फूल प्रतियोगिता, देश के विभिन्न राज्यों की 20 से अधिक नर्सरियों की भागीदारी, लगभग 200 स्टॉल्स के माध्यम से कृषि यंत्र, उद्यानिकी तकनीक, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, पशुपालन और डेयरी गतिविधियों के लाइव डेमोंस्ट्रेशन आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, अमरूद से बनने वाले वैल्यू-एडेड उत्पादों जैसे जूस, जैली, स्क्वैश, पल्प, बर्फी, चटनी और आचारकृकी व्यापक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। कृषि मंत्री ने विशेष रूप से कृषक—वैज्ञानिक संवाद और क्रेता—विक्रेता संगोष्ठी को महोत्सव की आत्मा बताते हुए कहा कि इससे किसान, वैज्ञानिक और उद्योगपति एक ही मंच पर संवाद करेंगे। इससे न केवल बिचौलियों की भूमिका कम होगी बल्कि किसानों को अपने उत्पाद का उचित मूल्य मिलेगा और सवाई माधोपुर का अमरूद निर्यात के नए द्वार खोलेगा। उन्होंने आशा जताई कि आने वाले बजट में भी राज्य सरकार अमरूद की खेती और उसके प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान करेगी। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने प्रदेश भर के किसानों, युवाओं, उद्यमियों और आमजन से अपील की कि वे इस महोत्सव में सक्रिय सहभागिता करें। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सवाई माधोपुर की कृषि पहचान को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का अवसर है और जनभागीदारी से ही इसे ऐतिहासिक सफलता दिलाई जा सकती है।

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