जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने हत्या के मामले में दोषी की आजीवन सजा निलंबित की, आरोपी जमानत पर रिहा

ram

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें न्यायमूर्ति महेन्द्र कुमार गोयल और न्यायमूर्ति चन्द्र प्रकाश माली शामिल हैं, ने हत्या के गंभीर मामले में दोषी ठहराए गए आरोपी की आजीवन कारावास की सजा निलंबित करते हुए उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। इससे पहले अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दातारामगढ़, जिला सीकर ने 18 सितंबर 2025 को आरोपी को धारा 302/34 आईपीसी के तहत आजीवन कारावास तथा धारा 323 आईपीसी के तहत एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। अपीलार्थी की ओर से अधिवक्ता मोहित बलवदा एवं अधिवक्ता सुनील शेखावत ने अदालत में दलीलें पेश कीं। उल्लेखनीय है कि यह मामला राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अधिवक्ता मोहित बलवदा को आवंटित किया गया था।अधिवक्ता मोहित बलवदा ने न्यायालय को अवगत कराया कि घटना अचानक और बिना किसी पूर्व नियोजन के घटित हुई थी तथा मृतक के साथ मारपीट के आरोप सभी छह व्यक्तियों पर सामूहिक रूप से लगाए गए थे और इसी मामले में पहले ही तीन अन्य सह-आरोपियों को सजा निलंबन का लाभ प्रदान किया जा चुका है, इसलिए अपीलार्थी का मामला भी समान आधार पर विचार योग्य है। अदालत को यह भी बताया गया कि अपीलार्थी लगभग दो वर्ष दस माह से न्यायिक हिरासत में है तथा अपील की अंतिम सुनवाई में लंबा समय लग सकता है। दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करते हुए डिवीजन बेंच ने पाया कि आरोप सामूहिक प्रकृति के हैं और अपीलार्थी के मामले को सह-आरोपियों से पृथक नहीं किया जा सकता। इसके पश्चात न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा निलंबित करते हुए अपीलार्थी को निर्धारित शर्तों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *