संस्थागत प्रसव के क्षेत्र में जयपुर जिले का राज्य में प्रथम स्थान:- महिला एवं बाल विकास विभाग ने भी समस्त संकेतकों में हासिल की शत-प्रतिशत उपलब्धि

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जयपुर। राज्य सरकार द्वारा जारी बीस सूत्री कार्यक्रम की नवीनतम रैंकिंग में जयपुर जिले ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के प्रभावी निर्देशन, सतत मॉनिटरिंग एवं विभागीय समन्वय के परिणामस्वरूप जिले की समग्र रैंकिंग में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। मुख्य आयोजना अधिकारी डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया कि बीस सूत्री कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाई गई, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत सभी संकेतकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की गई है, जो विभागीय कार्यप्रणाली की दक्षता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि ऊर्जा विभाग के अंतर्गत पम्पसेट ऊर्जीकरण में राज्य स्तर से आवंटित लक्ष्य के विरुद्ध 200 प्रतिशत तक प्रगति प्राप्त की गई है, जो जिले के किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्य आयोजना अधिकारी ने बताया कि संस्थागत प्रसव के क्षेत्र में जयपुर जिला राज्य में प्रथम स्थान पर रहा है, जो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति प्रदान करने में भी जयपुर जिला राज्य में प्रथम स्थान पर रहा है, जिससे सामाजिक सुरक्षा एवं शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा संचालित पौधारोपण अभियान में जयपुर जिले को ‘ए ग्रेड’ प्राप्त हुआ है, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिले की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। इसके अतिरिक्त अन्य शेष संकेतकों में भी निरंतर सुधार दर्ज किया गया है। मुख्य आयोजना अधिकारी ने यह भी बताया कि जयपुर जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध करवाने के क्षेत्र में राज्य औसत से अधिक उपलब्धि हासिल की है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे विस्तृत कार्ययोजना बनाकर शेष संकेतकों में भी शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बीस सूत्री कार्यक्रम केवल रैंकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन के जीवन स्तर में सुधार लाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग, नवाचारों को अपनाने एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि आगामी रैंकिंग में जयपुर जिला राज्य में शीर्ष स्थान प्राप्त कर सके और आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

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