गैर कृषि श्रेणी में जयपुर डिस्कॉम बना प्रदेश का पहला डिफेक्टिव मीटर मुक्त वितरण निगम — शत-प्रतिशत घरेलू, औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को अब उपभोग के आधार पर बिजली बिल —मुख्यमंत्री ने दी बधाई

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जयपुर। जयपुर विद्युत वितरण निगम ने योजनाबद्ध एवं समन्वित प्रयासों से अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। निगम के इतिहास में पहली बार सभी 18 सर्किलों में सभी सिंगल फेज शहरी एवं ग्रामीण तथा थ्री फेज विद्युत उपभोक्ताओं (गैर कृषि) के खराब (डिफेक्टिव मीटर) बदल कर कार्यशील मीटर लगा दिए गए हैं। बीते दो वर्षों में इस दौरान 2,78,422 उपभोक्ताओं के डिफेक्टिव मीटर बदले गए। अब मात्र थ्री फेज कृषि श्रेणी में 13,493 डिफेक्टिव मीटर शेष हैं, जिन्हें भी जल्दी ही बदला जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर पोस्ट कर जयपुर डिस्कॉम के अभियंताओं और कार्मिकों को इस उपलब्धि पर बधाई दी है।

त्रुटिपूर्ण बिलिंग की शिकायतें होंगी कम
इससे उपभोक्ताओं को अब वास्तविक उपभोग के बिजली बिल उपलब्ध हो सकेंगे। बिलिंग में पारदर्शिता लाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। इससे त्रुटिपूर्ण बिलिंग की शिकायतें कम होंगी। निगम के सभी घरेलू, औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को अब उपभोग के आधार पर बिजली बिल जारी होंगे। जिन उपभोक्ताओं के विद्युत मीटर डिफेक्टिव हैं उन्हें औसत उपभोग के आधार पर बिजली बिल जारी किए जाते थे।

वर्ष 2022-23 में उठाना पड़ा था 9 करोड़ 41 लाख का आर्थिक भार
औसत उपभोग के आधार पर बिल जारी किए जाने से बिलिंग को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें बढ़ती हैं। दो माह से अधिक समय तक मीटर खराब होने पर विद्युत शुल्क में 5 प्रतिशत की छूट देने का प्रावधान है। जिससे निगम को राजस्व की भी हानि होती थी। डिफेक्टिव मीटर्स के कारण जयपुर विद्युत वितरण निगम को वित्तीय वर्ष 2022-23 में 9 करोड़ 41 लाख रूपए तथा वर्ष 2023-24 में 5 करोड़ 41 लाख रूपए उपभोक्ताओं को विद्युत शुल्क में छूट देनी पडी थी। वर्ष 2024-25 में इसे कम कर 2 करोड़ 4 लाख रूपये के स्तर पर लाया गया और वित्त वर्ष 2025-26 में जयपुर डिस्कॉम को मात्र 16 लाख रूपए का आर्थिक भार ही वहन करना पड़ा है। जिसे आगामी माह में शून्य के स्तर पर लाया जाएगा। एवरेज बिलिंग के कारण संबंधित सब डिविजन अथवा फीडर में वितरण हानि का सटीक आकलन करना संभव नहीं हो पाता। विद्युत नियामक आयोग की ओर से भी डिफेक्टिव मीटर की समस्या को दूर करने के लिए समय-समय पर मार्गदर्शन मिलते रहे हैं।

टीम जयपुर डिस्कॉम की मेहनत का परिणाम
जयपुर डिस्कॉम ने वर्षों पुरानी इस समस्या को दूर करने का काम मिशन मोड पर हाथ में लिया। बीते एक वर्ष में अभियंताओं एवं तकनीकी एवं फील्ड स्टाफ ने अपनी कड़ी मेहनत, समर्पण, अनुशासन एवं प्रतिबद्धता से इस कठिन कार्य को संभव कर दिखाया है। यह सम्पूर्ण जयपुर डिस्कॉम टीम की मेहनत का परिणाम है। जिसमें ओएंडएम से जुड़े अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, सहायक राजस्व अधिकारी, फीडर इंचार्ज, मीटर रीडर सहित सभी तकनीकी एवं फील्ड स्टाफ भागीदार हैं।

इस तरह 6 माह में शून्य हुए डिफेक्टिव मीटर
जून, 2025-जयपुर जिला वृत्त उत्तर, दौसा तथा झालावाड़ सर्किल डिफेक्टिव मीटर शून्य हुये। जुलाई 2025-कोटा, बून्दी एवं बारां सर्किल। सम्पूर्ण कोटा जोन खराब मीटर की समस्या से मुक्त हो गया। जयपुर नगर वृत्त उत्तर तथा जयपुर नगर वृत्त दक्षिण भी खराब मीटर की समस्या से मुक्त हो गये। नवम्बर, 2025 – भरतपुर, भिवाड़ी, सवाई माधोपुर, करौली और कोटपूतली डिफेक्टिव मीटर शून्य हुये। दिसम्बर,2025-धौलपुर, जयपुर जिला वृत्त दक्षिण, अलवर, टोंक तथा डीग सर्किल डिफेक्टिव मीटर शून्य हुये।

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