जयपुर: बर्ड्स और वेटलैंड्स के नाम रहेगा अनूठा उत्सव जयपुर बर्ड फेस्टिवल 31 जनवरी एवं 1 फरवरी को

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जयपुर। पक्षियों, प्रकृति और आर्द्रभूमियों के संरक्षण का संदेश लेकर जयपुर बर्ड फेस्टिवल-2026 का आयोजन आगामी 31 जनवरी एवं 1 फरवरी, 2026 को जयपुर में किया जा रहा है। यह दो दिवसीय राज्य स्तर का आयोजन ग्रीन पीपल सोसायटी जयपुर चैप्टर द्वारा राजस्थान सरकार के वन विभाग एवं डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया के सहयोग से आयोजित होगा। फेस्टिवल की थीम “Join the celebration of wings & wetlands” रखी गई है, जिसका उद्देश्य आमजन विशेषकर विद्यार्थियों में पक्षी संरक्षण और आर्द्रभूमियों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। जयपुर बर्ड फेस्टिवल कानोता कैंप रिजॉर्ट, जामडोली, जयपुर में आयोजित किया जाएगा। ग्रीन पीपल सोसायटी के उपाध्यक्ष एवं जयपुर बर्ड फेस्टिवल के संयोजक विक्रम सिंह (सेवानिवृत्त आईएएस) ने बताया कि यह आयोजन उदयपुर बर्ड फेस्टिवल की निरंतर सफलता से प्रेरित है, जिसने पिछले 12 वर्षों में एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच के रूप में स्थापित किया है। जयपुर में आयोजित होने वाला यह फेस्टिवल प्रकृति संरक्षण की दिशा में दूसरा सशक्त प्रयास होगा।

31 जनवरी : शिक्षा, रचनात्मकता और जागरूकता का संगम
फेस्टिवल का पहला दिन 31 जनवरी, 2026 को विविध शैक्षणिक, रचनात्मक एवं जागरूकता गतिविधियों को समर्पित रहेगा। इस दौरान जयपुर बर्ड फेस्टिवल का मुख्य सत्र प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित किया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए नेचर क्विज एवं पेंटिंग प्रतियोगिता होंगी, जिनका उद्देश्य बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता व रुचि विकसित करना है। इस दिन रैप्टर्स प्रदर्शनी एवं अत्याधुनिक वीआर एक्सपीरियंस, बर्ड फोटोग्राफी एवं पेंटिंग प्रदर्शनी तथा फिलैटली (डाक टिकट) प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षकों एवं लेखकों के लिए विशेष वर्कशॉप रखी गई हैं, जिससे पक्षी एवं पर्यावरण लेखन को प्रोत्साहन मिल सके।

वर्कशॉप और राज्य स्तरीय सम्मेलन
विक्रम सिंह ने बताया कि फेस्टिवल के अंतर्गत लगभग 30 रिसोर्स पर्सन्स के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिससे वे अपने-अपने संस्थानों में विद्यार्थियों को पक्षियों और प्रकृति के प्रति जागरूक कर सकें। वहीं, 15 उभरते राइटर्स के लिए लेखन कार्यशाला आयोजित होगी, जिसमें अनुभवी विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे। इसी दिन राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें वन, पर्यावरण एवं पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया, चयनित एनजीओ, शिक्षाविद् एवं विशेषज्ञ भाग लेंगे। इस सम्मेलन में लगभग 100 प्रतिभागियों की सहभागिता प्रस्तावित है, जहां संरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन विमर्श होगा।

1 फरवरी : आर्द्रभूमियों और वन्यजीव क्षेत्रों का फील्ड विजिट
फेस्टिवल के दूसरे दिन, 1 फरवरी 2026 को प्रतिभागियों के लिए जयपुर एवं आसपास स्थित प्रमुख आर्द्रभूमियों और वन्यजीव क्षेत्रों का फील्ड विजिट आयोजित किया जाएगा। इसके अंतर्गत सांभर साल्ट लेक, बरखेड़ा-चंदलाई-मुहाना क्षेत्र, केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर), तालछापर अभयारण्य (चूरू) तथा रणथम्भौर अथवा सरिस्का टाइगर रिजर्व जैसे स्थलों का अवलोकन प्रस्तावित है। विक्रम सिंह ने कहा कि यह फेस्टिवल केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक सामूहिक प्रयास है।

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