जयपुर: जीएसटी बचत उत्सव के तहत जिला कलेक्ट्रेट में विशेष कार्यशाला का हुआ आयोजन

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जयपुर। जीएसटी 2.0 देश की कर व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव ही नहीं अपितु ऐतिहासिक सुधारों का जीवंत उदाहरण है। यह सुधार केवल कागजों पर नहीं, बल्कि सीधे उपभोक्ता की जेब और व्यापारी के कारोबार में राहत लेकर आया है। यह कहना है जयपुर सांसद श्रीमती मंजू शर्मा का। श्रीमती मंजू शर्मा ने यह बात जीएसटी बचत उत्सव के तहत सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही। राज्य सरकार द्वारा आमजन एवं व्यापारियों को कर राहत प्रदान करने तथा जीएसटी सुधारों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 22 से 29 सितम्बर तक “जीएसटी बचत उत्सव” का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला प्रशासन की ओर से विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न व्यापारिक संगठनों एवं औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों ने शिरकत की। बैठक में माननीय सांसद जयपुर श्रीमती मंजू शर्मा ने कहा कि दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर कर दरों में कमी से घर-घर के बजट में मुस्कान लौटेगी और आम आदमी को वास्तविक राहत मिलेगी। यह सुधार ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना को और मजबूत करेगा। वहीं, सांसद जयपुर ग्रामीण श्री राव राजेन्द्र सिंह ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि “जीएसटी 2.0 व्यापारियों और किसानों की वर्षों पुरानी मांग पूरी की है, पूर्ववर्ती जीएसटी ढांचे की जटिलताओं से आम जनता और व्यापारी दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब दो प्रमुख दरों की व्यवस्था ने कर ढांचे को सरल बना दिया है। किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े उत्पादों पर कर दर घटने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।” उन्होंने कहा कि अब दो दरों की सरल कर प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ेगी और व्यापार जगत का आत्मविश्वास भी। कृषि उपकरणों व उत्पादों पर कर दर घटाने से किसानों के खर्चों में कमी आएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। यह कदम न केवल व्यापार को बल देगा बल्कि गांव-गांव तक विकास की रोशनी ले जाएगा। बैठक में विधायक श्री गोपाल शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा को कर राहत देना एक दूरदर्शी कदम है। जीवन रक्षक दवाओं को करमुक्त करना और बीमा सेवाओं पर से कर हटाना करोड़ों परिवारों के लिए जीवनदायिनी राहत है। इस सुधार से हर वर्ग तक समान अवसर और सशक्तिकरण पहुंचेगा। जीएसटी 2.0 सही मायनों में ‘जन-जन का बजट’ है जो देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा। कार्यशाला में जिला कलेक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी, उप महापंजियक मुद्रांक प्रथम श्री देवेन्द्र कुमार जैन, वाणिज्यिक कर विभाग के नोडल अधिकारी अतिरिक्त आयुक्त श्री राहुल मीणा, श्री शालीन उपाध्याय, श्रीमती अनीता मीणा एवं श्रीमती कीर्ति शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने शिरकत की। बैठक में जानकारी दी गई कि पूर्व जीएसटी प्रणाली की चार अलग-अलग स्लैब (5, 12, 18 एवं 28 प्रतिशत) तथा इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर से आमजन और व्यापारियों को परेशानियां होती थीं। जीएसटी 2.0 में आमजन व व्यापारियों को राहत देने हेतु मुख्य रूप से दो दरें (5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत) लागू की गई हैं, जबकि कुछ विलासिता एवं सिन वस्तुओं पर 40 प्रतिशत दर रखी गई है। कंपन्सेशन सेस समाप्त कर दिया गया है, जिससे रोज़मर्रा की कई वस्तुएं सस्ती हो गई हैं। दैनिक उपयोग की वस्तुएं जैसे हेयर ऑयल, शैम्पू, साबुन, टूथपेस्ट, मक्खन, घी, चीज, नमकीन, भुजिया, बर्तन, बच्चों की बोतलें एवं डायपर, सिलाई मशीन इत्यादि पर जीएसटी दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है। इसी प्रकार किसान एवं कृषि क्षेत्र से जुड़े उत्पादों जैसे ट्रैक्टर टायरों पर दर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत तथा ट्रैक्टर, बायो-पेस्टिसाइड्स, ड्रिप इरिगेशन व कृषि मशीनों पर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है। स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा सेवाओं को करमुक्त कर दिया गया है। दवाइयों, मेडिकल ऑक्सीजन, डायग्नोस्टिक किट, ग्लूकोमीटर, चश्मा आदि पर जीएसटी दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है। 36 जीवन रक्षक दवाओं को पूर्णतया कर मुक्त कर दिया गया है। जीएसटी 2.0 सुधारों से आमजन के मासिक बजट में औसतन 1500 से 2000 रुपये तक की बचत होगी। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कर दरों में की गई कटौती का वास्तविक लाभ उपभोक्ताओं तक कंपनियों द्वारा पहुंचाया जाए। इसके लिए राज्यभर में कार्यशालाओं, शिविरों और जनजागरूकता अभियानों का आयोजन किया जा रहा है।

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