ग्राम सेवा सहकारी समितियों में गोदाम निर्माण के लिए स्वयं की भूमि होना आवश्यक – सहकारिता राज्य मंत्री

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जयपुर। सहकारिता राज्य मंत्री श्री गौतम कुमार ने शुक्रवार को विधानसभा में बताया कि ग्राम सेवा सहकारी समितियों में गोदाम निर्माण के लिए स्वयं की भूमि होना आवश्यक है। राज्य सरकार द्वारा भराव क्षमता के अनुसार गोदाम निर्माण के लिए बजट राशि निर्धारित की गई है। उन्होंने जानकारी दी कि 500 मी. टन क्षमता के गोदाम निर्माण के लिए 1500 वर्ग मी. भूमि होना आवश्यक है और इसके लिए 25 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, 250 मी. टन क्षमता के गोदाम के लिए 812 वर्ग मीटर भूमि होने पर 16 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस प्रकार 100 मी. टन क्षमता के गोदाम निर्माण के लिए 160 वर्ग गज भूमि उपलब्ध होने पर 12 लाख रुपये प्रति गोदाम की बजट राशि निर्धारित की गई है। सहकारिता राज्य मंत्री श्री गौतम कुमार प्रश्नकाल के दौरान सदस्य श्री लालाराम बैरवा द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र (भीलवाड़ा) के शाहपुरा-बनेड़ा की सभी 66 ग्राम सेवा सहकारी समितियों के पास स्वयं की भूमि उपलब्ध है। इनमें से केवल 7 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में गोदाम एवं भवन निर्मित नहीं हैं। इससे पहले विधायक श्री बैरवा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में सहकारिता मंत्री ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र शाहपुरा (भीलवाडा) में कुल 66 पंजीकृत ग्राम सेवा सहकारी समितियां हैं। उन्होंने बताया कि गोदाम भवन बनाने के लिए ग्राम सेवा समितियों के पास नियमानुसार वैध स्वामित्व वाली भूमि की उपलब्धता होना आवश्यक है। साथ ही, नियमानुसार संबंधित प्रबंध निदेशक, केन्द्रीय सहकारी बैंक/उप रजिस्ट्रार, सहकारी समितियों की अनुशंषा सहित प्रस्ताव प्राप्त होने पर उपलब्ध बजट के आधार पर गोदाम/भवन निर्माण की स्वीकृति पर विचार किया जाता है।

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