इस्लामाबाद। पाकिस्तान में एक्टिव आतंकी संगठन ISIS ने इस्लमाबाद की शिया मस्जिद में हुए ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली है। इस मामले में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में इस हमले का मास्टरमाइंड भी शामिल है। इस हमले में 31 लोग मारे गए थे और 169 अन्य घायल हो गए थे। आत्मघाती हमलावर ने खदीजा अल-कुबरा मस्जिद (इमामबाड़ा) में खुद को उड़ा लिया था। दूसरी ओर भारत ने हमले की निंदा करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्रालय ने देर रात बयान जारी कर कहा कि हमले में भारत के शामिल होने का दावा निराधार है। विदेश मंत्रालय ने कहा- यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान इन मुद्दों का हल ढूंढने के बजाय, दूसरों को अपनी परेशानियों के लिए दोषी ठहरा रहा है। विदेश मंत्रालय ने आगे कहा- पाकिस्तान खुद को ही धोखा दे रहा है। भारत का ये बयान पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के उस दावे के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि हमले में भारत और अफगानिस्तान शामिल थे।
राष्ट्रपति बोले- ये हमला इंसानियत के खिलाफ
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने धमाके में मारे गए लोगों के लिए शोक जताया है। उन्होंने कहा कि बेगुनाह लोगों को निशाना बनाना इंसानियत के खिलाफ है। जरदारी ने घायलों के जल्द ठीक होने की दुआ की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों को हर संभव बेहतर इलाज की सुविधा दी जाए।
मंत्री ने कहा- ऐसी घटनाएं देश का हौसला नहीं तोड़ सकती
पार्लियामेंट्री अफेयर्स के मंत्री डॉ. तारिक फजल चौधरी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस्लामाबाद में हुए धमाके की मैं कड़ी निंदा करता हूं। इस हमले में मारे गए लोगों के लिए दुखी हूं। ऐसी आतंकी घटनाएं देश और लोगों का हौसला नहीं तोड़ सकती। जरूरत है कि हम सब मिलकर शांति के लिए एकजुट हों और कानून व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियों के साथ मजबूती से खड़े रहें।



