झालावाड़। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने गुरुवार को झालावाड़ के मिनी सचिवालय स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। उन्होंने झालावाड़ में चल रहे गिव-अप अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह अभियान और अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाया जाए, ताकि अंत्योदय की भावना के अनुरूप हर पात्र व्यक्ति को खाद्य सुरक्षा का लाभ मिल सके।
गिव-अप अभियान के प्रभावशाली नतीजे- 21 लाख अपात्रों ने छोड़ी सब्सिडी
मंत्री गोदारा ने बैठक में बताया कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे गिव-अप अभियान के अंतर्गत अब तक 21 लाख अपात्र लाभार्थियों ने स्वेच्छा से खाद्य सब्सिडी छोड़ दी है। साथ ही, खाद्य सुरक्षा पोर्टल के दोबारा प्रारंभ होने के बाद 37 लाख नए पात्र लाभार्थियों को जोड़ा गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह अभियान पारदर्शिता और न्यायसंगत वितरण की दिशा में सफल हो रहा है। जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि गिव अप अभियान के तहत झालावाड़ जिले के लगभग 50 हजार अपात्र लोगों ने खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम हटा लिया है।
झालावाड़ को मिला नया लक्ष्य- 80 हजार अपात्रों से सब्सिडी वापसी, 30 जून तक निर्धारित की गई समय सीमा
गोदारा ने झालावाड़ जिले के अधिकारियों को निर्देश दिए कि 30 जून तक कम से कम 80 हजार अपात्र लाभार्थियों से सब्सिडी छुड़वाने का लक्ष्य प्राप्त किया जाए। साथ ही उन्होंने लंबित आवेदनों की समीक्षा कर आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
सक्षम लोग छोड़ें सब्सिडी, वंचितों को मिले हक
खाद्य मंत्री ने कहा कि सक्षम लोगों द्वारा सब्सिडी गिव-अप करने से वंचित और पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ सरलता से पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एनएफएसए से नाम हटवाने वाले संपन्न लोग मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। इससे सरकार को होने वाली बचत को गरीबों और जरूरतमंदों की भलाई में लगाया जाएगा। खाद्य मंत्री ने कहा कि ऐसे अपात्र लोग जो खाद्य सुरक्षा से अपना नाम नहीं हटाते हैं तो उनके विरूद्ध कठोर कार्यवाही एवं वसूली की जाएगी।
ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी, छोटे बच्चों और बुजुर्गों को राहत
राज्य सरकार ने खाद्य सब्सिडी से जुड़े लाभार्थियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण कर ली है। साथ ही, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को ई-केवाईसी की बाध्यता से छूट दी गई है, जो सरकार की संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जनकल्याण को नई गति और रसोई गैस योजना से नए लाभार्थियों को लाभ
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में 26 जनवरी से खाद्य सुरक्षा पोर्टल को दोबारा शुरू किया गया, जिससे अब तक 37 लाख नए लाभार्थियों को एनएफएसए से जोड़ा जा चुका है। इन्हें मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत 450 रुपये में गैस सिलेंडर का लाभ दिया जा रहा है।
बैठक में शामिल रहे जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में मनोहरथाना विधायक गोविंद रानीपुरिया, डग विधायक कालूराम मेघवाल, जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़, पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर, अतिरिक्त खाद्य आयुक्त पूनम सागर, विशिष्ट सहायक शैलेष सुराणा, जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा, पूर्व विधायक नरेंद्र नागर, पूर्व जिलाध्यक्ष संजय जैन, नगर परिषद सभापति संजय शुक्ला, अतिरिक्त जिला कलेक्टर सत्यनारायण आमेटा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शंभू दयाल मीणा, जिला रसद अधिकारी देवराज रवि सहित अनेक विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।



