अमेरिका व्यापार वार्ता में तरजीही बाजार पहुंच चाहता है भारत: पीयूष गोयल

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नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत, अमेरिका में अपने उत्पादों के लिए तरजीही बाजार पहुंच की उम्मीद कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ देश के संबंध बहुत मज़बूत हैं, जिसमें प्रौद्योगिकी, रक्षा, व्यापार और निवेश के क्षेत्रों में गहरी रणनीतिक साझेदारी शामिल है।

पीयूष गोयल ने यहां आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का अमेरिका के साथ व्यापार समझौता, उसके प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में सबसे अच्छा है। उन्होंने कहा कि भारत अपने उत्पादों के लिए अमेरिका में तरजीही बाजार पहुंच चाहता है। अमेरिका के साथ व्यापार को बढ़ावा देने के मामले में देश बहुत अच्छी स्थिति में है।

गोयल ने कहा, “दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने के नाते भारत में निवेशकों के लिए अपार संभावनाएं हैं, जो भविष्य में भारत के अवसरों को और भी बड़ी संख्या में और ज़्यादा महत्व के साथ देखते रहेंगे।”

उन्होंने बताया कि 27 मार्च को कैमरून के याउंडे में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर के साथ एक बैठक की और भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की वार्ताओं में अगले कदमों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि दोनों विश्व व्यापार संगठन के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (एमसी14) के दौरान मिले।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कैमरून में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (एमसी14) में भारत की भागीदारी और रचनात्मक जुड़ाव विषय पर यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। पीयूष गोयल ने अपने संबोधन में डब्ल्यूटीओ सुधारों पर गहन विचार-विमर्श में भारत की सक्रिय भूमिका को रेखांकित किया।

उन्होंने बताया कि डब्ल्यूटीओ-एमसी14 में अपने नागरिकों, विशेष रूप से किसानों और मछुआरों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की। इसके अलावा इस बात पर भी ज़ोर दिया कि भारत ने एक निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमों पर आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली सुनिश्चित करने के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को किस प्रकार दोहराया है।

गोयल ने मीडिया को बताया कि हमने ‘निवेश सुविधा विकास समझौता’ (आईएफडी) जैसे बहुपक्षीय समझौतों का विरोध किया और डब्ल्यूटीओ-एमसी14 में उचित सुरक्षा उपायों तथा आम सहमति के बिना उन्हें डब्ल्यूटीओ के ढांचे में शामिल करने पर अपनी सहमति नहीं दी।

पीयूष गोयल ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में भारत ने डब्ल्यूटीओ-एमसी14 में सार्वजनिक स्टॉकहोल्डिंग और विशेष सुरक्षा तंत्र के लिए एक स्थायी समाधान की आवश्यकता को दोहराया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसान हितों की रक्षा और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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