अगर एटम बम है तो तुरंत परीक्षण करें… आखिर राहुल गांधी को लेकर राजनाथ सिंह ने ऐसा क्यों कहा

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नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भारत में चुनावों में धांधली का आरोप लगाने के लिए निशाना साधा और कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता के पास अपने दावे को पुष्ट करने के लिए कोई सबूत नहीं है। राजनाथ सिंह ने पटना में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा वोटों की धांधली पर सबूतों का एक परमाणु बम तैयार किया है… अगर उनके पास सबूतों का परमाणु बम है, तो उसका तुरंत परमाणु परीक्षण किया जाना चाहिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सच तो यह है कि उनके पास कोई सबूत या प्रमाण नहीं है। रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी से देश की संवैधानिक संस्थाओं को अपना कर्तव्य निभाने देने की भी अपील की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सनसनीखेज दावे करना उनकी आदत है। पहले भी उन्होंने इसी तरह के बयान दिए हैं। संवैधानिक संस्थाओं को अपना कर्तव्य निभाने दें। राहुल गांधी से मेरी यही अपील है। यह कांग्रेस के स्वास्थ्य के लिए और लोकतंत्र के लिए भी अच्छा है। वहीं, उन्होंने कहा कि बिहार तो भारत ही नहीं पूरे विश्व में लोकतंत्र की जननी है। ढाई हज़ार साल पहले जब पश्चिम के अधिकांश देश जंगलों में भटक रहे थे तब इसी बिहार में लोकतांत्रिक संस्थाएं विकसित हो रही थीं। राहुल गांधी ने शनिवार को ज़ोर देकर कहा कि भारत में चुनाव प्रणाली “पहले से ही मृत” है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनावों में “धांधली” हुई है और उनके पास इस दावे को पुष्ट करने के लिए सबूत हैं। ‘संवैधानिक चुनौतियाँ – परिप्रेक्ष्य और रास्ते’ शीर्षक से वार्षिक कानूनी सम्मेलन को संबोधित करते हुए, गांधी ने कहा कि उन्हें संदेह है कि 2024 के आम चुनावों में 80 से ज़्यादा लोकसभा सीटों पर धांधली हुई है। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि भारत में चुनाव प्रणाली पहले से ही मृत है। भारत के प्रधानमंत्री बहुत कम बहुमत के साथ पद पर हैं। अगर 15 सीटों पर धांधली हुई होती, तो हमें संदेह है कि यह संख्या 70 से 80 से ज़्यादा है, वह भारत के प्रधानमंत्री नहीं होते। हम आने वाले कुछ दिनों में आपको साबित कर देंगे कि कैसे लोकसभा चुनाव में धांधली हो सकती है और हुई भी थी। रक्षा मंत्री ने कहा कि आज़ादी के बाद जब भारतीय लोकतंत्र को आधुनिक स्वरूप प्रदान करने की प्रक्रिया प्रारम्भ हुई तब भी ज़िम्मेदारी बिहार की धरती के लाल डा राजेंद्र प्रसाद को दी गई। संविधान सभा के अध्यक्ष के रूप में जो महान संविधान उन्होंने भारत को दिया है, आज देश उसका अमृत महोत्सव मना रहा है। बिहार में In-laws और Out-laws के कारण Rule of law बर्बाद हुआ और बिहार को जंगलराज में धकेल दिया। आज बिहार के लोग बेहतर हवा में सांस ले रहे हैं। बिहार का विकास हो रहा है। यह सब NDA और नीतीश जी के सामूहिक प्रयासों की वजह से मुमकिन हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में, एनडीए और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में बिहार ने अभूतपूर्व प्रगति की है। पुरानी जंगलराज की छवि को तोड़ा है। इससे सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखा है। साल 2004 से 2014 के बीच यूपीए सरकार ने बिहार को लगभग 2 लाख करोड़ रुपए के आसपास दिए। जबकि साल 2014 के बाद केंद्र की एनडीए सरकार ने पिछले 10 वर्षों में बिहार को 9 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि आवंटित की है। यानि चार गुना अधिक धनराशि। यह सिलसिला आज भी जारी है। राजनाथ ने कहा कि इसी साल अप्रैल में, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार के मधुबनी में 13,480 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का शुभारंभ किया है। और इसी वर्ष जून महीने में प्रधानमंत्री जी ने 5736 करोड़ रुपये की 22 परियोजनाओं की सौगात बिहार को दी है। प्रधानमंत्री जी ने अभी जुलाई में दरभंगा में एक नए ‘सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया’ फ़ैसिलिटी का उद्घाटन किया है। ये सभी पहल बिहार को आईटी हब और Entrepreneurship का केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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