स्टॉक मार्केट में हन्ना जोसेफ हॉस्पिटल की कमजोर शुरुआत, नुकसान में आईपीओ निवेशक

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नई दिल्ली। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी हन्ना जोसेफ हॉस्पिटल के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में गिरावट के साथ एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 70 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 7.14 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 65 रुपये के स्तर पर ही हुई। लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण ये शेयर कुछ ही देर में टूट कर 61.75 रुपये के लोअर सर्किट लेवल पर आ गया। इसके थोड़ी देर बाद ही खरीदारों ने लिवाली का जोर बना दिया, जिससे ये शेयर उछल कर 68.25 रुपये के अपर सर्किट लेवल पर पहुंच गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में अपर सर्किट लगने के बावजूद कंपनी के आईपीओ निवेशक 2.50 प्रतिशत के नुकसान में थे।

हन्ना जोसेफ हॉस्पिटल का 42 करोड़ रुपये का आईपीओ 22 से 28 जनवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.54 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 1.08 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 1.98 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 1.62 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 60 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी रेडिएशन ऑन्कोलॉजी सेंटर सेटअप करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 1.01 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 4.07 करोड़ रुपये हो गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी शुद्ध लाभ उछल कर 7.21 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 5.12 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 54.90 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 63.63 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 77.90 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 42.75 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी के कर्ज में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 42.95 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 31.39 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में फिसल कर 33.58 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 30 सितंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 31.64 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 18.20 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 29.02 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 35.24 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 30 सितंबर 2025 तक ये 40.36 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 16.38 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 17.98 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 20.52 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 30 सितंबर 2025 तक ये 11.65 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।

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