नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के बीच केंद्र सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) का कनेक्शन रखने वाले वाले परिवारों पर सब्सिडी वाला लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) कनेक्शन रखने या लेने पर रोक लगा दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 14 मार्च को जारी एक अधिसूचना में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति एवं वितरण नियमन) आदेश-2000 में बदलाव किया है। इसके तहत अब पीएनजी कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए अपने घरेलू एलपीजी कनेक्शन को ‘सरेंडर’ करना जरूरी हो गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियां अब संशोधित आदेश के तहत पीएनजी कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं को खाली एलपीजी सिलेंडर के बदले भरा हुआ रसोई गैस सिलेंडर नहीं देंगी। इसका मकसद उन घरों के लिए एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता देना है, जिनके पास पाइप के जरिये गैस की आपूर्ति की सुविधा नहीं है। इस बीच, वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति में संकट के चलते क्षेत्र के नियामक ने शहर गैस वितरण कंपनियों से अपने पीएनजी ढांचे का विस्तार तेजी से करने को कहा है, जिससे रसोई गैस की आपूर्ति पर दबाव को कम किया जा सके। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने शहर गैस वितरण कंपनियों से घरों को घरेलू पीएनजी कनेक्शन देने के काम में तेजी लाने और उन इलाकों में उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने को कहा है जहां पाइपलाइन का ढांचा पहले ही बिछाया जा चुका है। भारत अपनी लगभग 88 फीसदी कच्चे तेल, 50 फीसदी प्राकृतिक गैस और 60 फीसदी एलपीजी की जरूरत को आयात से पूरा करता है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले और जवाबी ईरानी कार्रवाई से पहले भारत का आधे से अधिक कच्चे तेल का आयात, लगभग 30 फीसदी गैस और 85-90 फीसदी एलपीजी का आयात सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे पश्चिम एशियाई देशों से आता था।

सरकार ने पीएनजी उपयोगकर्ताओं के एलपीजी सिलेंडर रखने पर लगाई रोक
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