झालावाड़। जिला स्तरीय कृषि समिति की त्रैमासिक बैठक गुरूवार को जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय के सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिला कलक्टर ने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश के किसानों को राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलवाकर उनकी आय में वृद्वि करें एवं उन्हें हर संभव सुविधाएं मुहैया कराई जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस मंशानुरूप सभी कृषि अधिकारी जिले के किसानों के लिए बिना किसी हितलाभ के बेहतर से बेहतर कार्य करने का प्रयास करें।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार नीचले स्तर तक करें ताकि किसान उनका लाभ ले सकें। उन्होंने कहा कि इस वर्ष रबी फसल की बुवाई के समय किसानों को उर्वरकों यथा यूरिया, डी.ए.पी., एस.एस.पी., एम.ओ.पी. एवं एन.पी.के. की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित की गई है जिसका परिणाम है कि अब जिले में उर्वरकों की मांग में कमी आई है। साथ ही जिला कलक्टर ने मोटे अनाज के प्रचलन को बढ़ावा देने का प्रयास करने तथा जैविक खेती करने हेतु किसानों को जागरूक करने के निर्देश सभी संबंधित अधिकारियों को दिए। इस दौरान रबी 2024 में फसल बुवाई की लक्ष्य एवं प्राप्ति, वर्तमान में उर्वरकों की उपलब्धता, फसलवार बीज आवंटन व वितरण की स्थिति, रबी मिनी किट लक्ष्य एवं प्राप्ति, फसल प्रदर्शन रबी, मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, गुण नियंत्रण प्रगति, गतिविधि वार भौतिक एवं वित्तीय प्रगति वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक कैलाश चन्द मीणा, वाटरशेड के अधीक्षण अभियंता जीतमल नागर, मनरेगा के अधीक्षण अभियंता राजेन्द्र नीमेष सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।



