धर्म परायण होने पर ही उत्कृष्ट समाज एवं राष्ट्र की स्थापना संभव, राजस्थान की धरा शौर्य, आस्था और भक्ति की त्रिवेणी, साधु-संतों के आशीर्वाद से सनातन संस्कृति का हो रहा पुनर्जागरण – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

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जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजनीति हो या अन्य कार्य, धर्म आवश्यक है, धर्म के अभाव में कोई भी कार्य ठीक से नहीं हो सकता। धर्म परायण होने पर ही सिद्धियां प्राप्त होती हैं और उसी से ही उत्कृष्ट समाज एवं राष्ट्र की स्थापना हो सकती है। सनातन परम्परा हमें धर्म पर चलते हुए सामाजिक एकता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की धरा शौर्य, आस्था और भक्ति की त्रिवेणी है, जहां साधु-संतों के आशीर्वाद से सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण हो रहा है। शर्मा मंगलवार को बालोतरा के कनाना मठ में आयोजित ललिता महायज्ञ की पूर्णाहुति एवं मां सरस्वती मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाजिक एकता को सुदृढ़ करने के साथ ही आने वाली पीढ़ी को विरासत से जोड़ते हैं। मुख्यमंत्री ने बालोतरा के धार्मिक महत्व को बताते हुए कहा कि यहां के तीर्थ स्थल हमारी गौरवशाली संस्कृति के सजग प्रहरी हैं। वहीं, कनाना मठ की पवित्र भूमि अलौकिक ऊर्जा का संचार करती है।

देश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक परिदृश्य में आया ऐतिहासिक परिवर्तन
मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक परिदृश्य में ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में प्रभु रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा, वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और उज्जैन में महाकाल महालोक के अलौकिक निर्माण सहित प्रसाद योजना के माध्यम से देशभर के प्रमुख तीर्थस्थलों के आधारभूत ढांचे और सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

आस्था की सेवा सबसे बड़ी जनसेवा, प्रदेश के तीर्थ स्थलों का हो रहा विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि आस्था की सेवा सबसे बड़ी जनसेवा है, इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में भी हमारी सरकार तीर्थ स्थलों के विकास कार्यों पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत बुजुर्गों को निःशुल्क तीर्थ दर्शन करवाए जा रहे हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री विकसित ग्राम एवं वार्ड योजना के तहत धार्मिक स्थलों का सुनियोजित विकास किया जा रहा है। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सनातन के लिए विशेष कार्य किए जा रहे हैं। इसी के तहत राजस्थान दिवस को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन मनाने की परंपरा शुरू की गई है। वहीं, मंदिरों के विकास और संस्कृति को संरक्षित करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। कार्यक्रम के दौरान कनाना मठ के महंत परशुराम गिरी महाराज ने मुख्यमंत्री का अभिवादन करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में जनकल्याण के सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन अखण्ड भारत और सनातन संस्कृति की पहचान है। जहां कई देश युद्ध की ओर अग्रसर हैं, वहीं हम भारतीय समस्त विश्व की शांति के लिए कार्य कर रहे हैं। इससे पहले शर्मा ने पिछले एक वर्ष से चल रहे ललिता महायज्ञ में पूर्णाहुति दी। साथ ही, कार्यक्रम में देशभर से आए प्रमुख संत-महंतों का दुपट्टा ओढ़ाकर एवं फल भेंट कर सम्मान किया। वहीं, महंत परशुराम गिरी महाराज ने मुख्यमंत्री को यंत्र भेंट कर अभिनंदन किया। इस दौरान उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के.के. विश्नोई, विधायक हमीर सिंह भायल, महंत प्रतापपुरी, आदूराम मेघवाल, अरुण चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रमुख महंत, साधु-संत और आमजन मौजूद रहे

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