बूंदी। बाल श्रम, पोक्सो एक्ट और बाल अधिकार संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर समझ बढ़ाने और इनके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए बाल श्रम उन्मूलन परियोजना के तहत पुलिस विभाग, बाल अधिकारिता विभाग, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन और एक्शन एड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (महिला अनुसंधान सेल) जसवीर मीणा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बाल श्रम और मानव तस्करी की रोकथाम को सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए सभी से एकजुट होकर बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने का आह्वान किया। बाल अधिकारिता के सहायक निदेशक हुकम चंद जाजोरिया ने किशोर न्याय अधिनियम 2015 और पॉक्सो एक्ट की मुख्य धाराओं पर विस्तार से जानकारी दी और बाल संरक्षण में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सीमा पोद्दार ने बाल संरक्षण को हर नागरिक का कर्तव्य बताया और समिति की कार्यप्रणाली पर जानकारी दी। एक्शन एड के जिला समन्वयक जहीर आलम ने बाल अधिकारों और बाल संरक्षण के मामलों में उचित संचार के महत्व पर जोर दिया। मानव तस्करी विरोधी इकाई के उप निरीक्षक घनश्याम ने अभियान उमंग-V के तहत किए जाने वाले विशेष निरीक्षणों और जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी। बैठक में श्रम विभाग, बाल अधिकारिता विभाग, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा विभाग, चाइल्ड लाइन, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और स्थानीय चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान 1 से 30 जून तक चलने वाले विशेष अभियान ‘उमंग-V’ का भी शुभारंभ किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल श्रम, बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी को रोकना, पीड़ित बच्चों की पहचान कर उनका बचाव और पुनर्वास सुनिश्चित करना, साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करना है। बैठक में बाल विवाह निषेध अधिनियम और बाल श्रम अधिनियम पर भी चर्चा हुई। इस दौरान जेंडर विशेषज्ञ विनीता अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहें।

बाल संरक्षण पर जिला स्तरीय बैठक: विशेष अभियान उमंग-V का भी हुआ शुभारंभ
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