जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदाय भारतीय सभ्यता और संस्कृति का अभिन्न अंग है। धरती की मिट्टी से जुड़ा यह समुदाय त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ति है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस समुदाय के कल्याण और सशक्तीकरण के लिए समर्पित है। शर्मा रविवार को अंबाबाड़ी स्थित आदर्श विद्या मन्दिर के सभागार में आयोजित विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध घुमन्तु समुदाय अधिकारी, कर्मचारी एवं प्रबुद्धजन महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदायों के सशक्तीकरण के लिए ठोस क़दम उठाए हैं। हमारी सरकार ने घुमन्तु परिवारों को आश्रय उपलब्ध कराने के लिए आवासीय पट्टे वितरित किए एवं इन परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रावास की व्यवस्था की।
घुमन्तु परिवारों के बच्चों की शिक्षा होगी सुनिश्चित
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बजट वर्ष 2026-27 में घुमन्तु समुदाय के बच्चों की शिक्षा के लिए राज पहल कार्यक्रम की अभिनव पहल की है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रथम चरण में प्रत्येक जिले में एक स्कूल ऑन व्हील्स स्थापित किया जाएगा। यह कार्यक्रम शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। इसके साथ ही प्रवास-प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी शिक्षा शिविर तथा शैक्षिक संभागों में 6 माह के स्कूल रेडिनेस कैम्प भी आयोजित किए जाएंगे। इससे पलायन और प्रवास के कारण नियमित विद्यालय से वंचित रहने वाले बच्चों तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री ने पदयात्रियों को प्रसाद वितरित किया
मुख्यमंत्री शर्मा ने अम्बाबाड़ी के पास खाटूश्याम जी जा रहे पदयात्रियों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भंडारे में पदयात्रियों को प्रसाद का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर आमजन में उत्साह नजर आया।
घुमन्तु समुदाय का हमारी संस्कृति में अहम योगदान
शर्मा ने कहा कि घुमन्तु समुदाय का राष्ट्र की संस्कृति में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इन समुदायों ने विदेशी आक्रांताओं से लोहा लिया और हमारीे संस्कृति को बनाए रखा। आजादी से पहले इस समाज ने गांव-गांव जाकर जनता को जागरूक करने के साथ ही, देश की अर्थव्यवस्था में प्रमुख रूप से सहभागिता निभाई। उन्होंने कहा कि इस समुदाय के पास कई कौशल और पारंपरिक ज्ञान है तथा यह समाज अपनी संस्कृति और परंपराओं से हमेशा जुड़ा रहा है। इस समुदाय की लोहा-शिल्प कला पूरे विश्व में प्रख्यात है। बंजारा समुदाय का व्यापारिक कौशल और उनकी यात्रा-परंपरा भारतीय व्यापार-मार्गों की रीढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महासम्मेलन समाज के उत्थान, अपनी पहचान को सम्मान दिलाने तथा विकास की मुख्यधारा में अटल स्थान बनाने की संकल्प सभा है। उन्होंने समाज के युवाओं से आह्वान किया कि वे देश-प्रदेश के विकास में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने घुमन्तु समुदाय के कल्याण एवं उत्थान से संबंधित सुझावों पर आश्वासन दिया। इस अवसर पर पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की क्षेत्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हनुमान सिंह, घुमन्तु कार्य प्रमुख राजस्थान क्षेत्र महेन्द्र सिंह, जनाधिकार समिति सदस्य राकेश बीदावत सहित घुमन्तु समुदाय के प्रतिनिधिगण, समाजसेवी एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।



