राजस्थान में घना कोहरा और कड़ाके की सर्दी, कोटा-झालावाड़ हाईवे पर बस पलटी, 30 से ज्यादा घायल

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जयपुर। राजस्थान के अधिकांश जिले शनिवार को घने कोहरे और भीषण सर्दी की चपेट में रहे। कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ तो वहीं सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ गया। शनिवार सुबह कोटा–झालावाड़ हाईवे पर धुंध के कारण एक स्लीपर बस पलट गई। हादसे में 30 से अधिक यात्री घायल हो गए। दुर्घटना के बाद कुछ समय के लिए हाईवे पर जाम की स्थिति बन गई, जिसे बाद में पुलिस ने सुचारु कराया। मौसम विभाग ने सीकर, हनुमानगढ़ सहित करीब 10 जिलों में घने कोहरे और कड़ाके की सर्दी का अलर्ट जारी किया है। सीकर में न्यूनतम तापमान गिरकर 1.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि नए साल में पहली बार प्रदेश में 0 डिग्री तापमान भी मापा गया। शेखावाटी अंचल में मावठ के बाद सर्दी और तेज हो गई है। पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू में शुक्रवार को लंबे समय बाद दिन का तापमान जमाव बिंदु यानी शून्य डिग्री पर आ गया। दिसंबर बीतने के बाद अब आबू में बर्फ जमने जैसी ठंड शुरू हो गई है। इससे पहले इस सीजन में 17 से 19 नवंबर के बीच यहां तापमान शून्य के आसपास पहुंचा था। रेगिस्तानी जिलों बाड़मेर, बीकानेर और जैसलमेर में भी बर्फीली हवाओं का असर दिखा। यहां अधिकतम तापमान गिरकर आठ डिग्री सेल्सियस के करीब रहा। सीकर जिले में बीते एक सप्ताह से लगातार कोहरा छाया हुआ है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। शनिवार सुबह भी कई इलाकों में सुबह तक घना कोहरा छाया रहा। नागौर जिले के मेड़ता सहित कई क्षेत्रों में सुबह तक दृश्यता बेहद कम रही। वहीं उदयपुर–चित्तौड़गढ़ नेशनल हाईवे पर भी घने कोहरे के कारण वाहन लाइट जलाकर चलते नजर आए और ट्रैफिक सामान्य से कम रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में तेज सर्दी बनी रहेगी। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने बताया कि चार जनवरी से प्रदेश में सर्द हवाएं और तेज होंगी, जिससे न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री तक गिरावट आ सकती है। इससे सुबह-शाम की ठंड और ज्यादा बढ़ने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में चित्तौड़गढ़ में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस मापा गया, जबकि उत्तर-पूर्वी जिलों में ठंड और कोहरे का असर सबसे ज्यादा रहा।

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