जयपुर। प्रदेश में गौ संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक बड़ा कदम उठाते हुए गौ सेवा नीति, 2026 लाने की घोषणा की है। इस नीति के अंतर्गत गौ सेवा और गौ कल्याण को अधिक गति प्रदान की जाएगी, जिससे गोधन का विकास होगा। यह नीति ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ ही किसानों और पशुपालकों को संबल प्रदान करने में सहायक होगी। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा अनुसार चार जातियों किसान, महिला, युवा और मजदूर के कल्याण के संकल्प को साकार करेगी।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने अपने 2 वर्ष से अधिक के कार्यकाल में पशुधन संरक्षण, संवर्धन एवं सुरक्षा की दिशा में समर्पित होकर कार्य किया है। मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के माध्यम से पशुपालकों को संबल मिला है। वहीं पंजीकृत गौशालाओं में बड़े पशु के लिए प्रतिदिन 50 रुपये तथा छोटे पशु के लिए प्रतिदिन 25 रुपये का अनुदान गौ संरक्षण की दिशा में कारगर साबित हुआ है।
इसी प्रकार राज्य सरकार ने कृषक कल्याण के लिए भी महत्वपूर्ण पहलें की हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में प्रदेश के किसानों को 9 हजार रुपये प्रतिवर्ष राशि सुनिश्चित करते हुए लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में भी कृषक कल्याण को प्राथमिकता देते हुए 1 लाख 19 हजार 408 करोड़ रुपये का कृषि बजट रखा गया है।
संकल्प पत्र का एक और वादा पूरा, गेहूं की खरीद अब 2 हजार 735 रुपये
किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री शर्मा ने आगामी वर्ष से गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अतिरिक्त प्रति क्विंटल 150 रुपये बोनस देने की घोषणा भी की है। इससे किसानों को गेहूं पर 2 हजार 735 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य मिलेगा। साथ ही, इस निर्णय से राज्य सरकार ने संकल्प पत्र के वादे के अनुरूप गेहूं को न्यूनतम समर्थन मूल्य 2 हजार 700 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीद का संकल्प भी पूरा कर लिया है।



