जयपुर। राजस्थान में कोरोना संक्रमण एक बार फिर चिंता का कारण बन रहा है। 26 मई को जयपुर में एक संक्रमित की मौत ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। हालांकि मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन राजधानी जयपुर सहित प्रदेश भर में एक्टिव केस की संख्या अब 15 तक पहुंच चुकी है। इसी के साथ सरकार और प्रशासन ने अलर्ट मोड पर काम शुरू कर दिया है।
राजधानी में 4 नए संक्रमित, पूरे प्रदेश में 15 एक्टिव केस
जयपुर में 4 नए संक्रमितों की पुष्टि के साथ प्रदेश में कोविड के कुल एक्टिव केस 15 हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सभी जिलों में निगरानी बढ़ा दी गई है। खासतौर से हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों की जांच अनिवार्य कर दी गई है ताकि समय रहते संक्रमण की पहचान की जा सके।
2 महीने की बच्ची अस्पताल में भर्ती, कल सामने आए थे 3 नए केस
25 मई (रविवार) को जोधपुर, उदयपुर और जयपुर से 3 नए केस सामने आए थे। इनमें एक 2 महीने की बच्ची भी शामिल है जो नागौर जिले के डीडवाना की निवासी है। बच्ची को गंभीर हालत में जोधपुर AIIMS के एनआईसीयू में भर्ती कराया गया है। यह घटना बताती है कि संक्रमण अब छोटे बच्चों तक भी पहुंच रहा है।
विशेषज्ञों की राय – “डरने की जरूरत नहीं, लेकिन सतर्कता जरूरी”
कोविड के नए वेरिएंट JN.1 को लेकर विशेषज्ञों ने राहत की बात कही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह वेरिएंट ओमिक्रॉन BA.2.86 से विकसित हुआ है और ज्यादा घातक नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों की सलाह: अस्पतालों और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाएं छींकते या खांसते समय मुंह ढंकें गर कोई लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें सोशल डिस्टेंसिंग और हाथ धोने की आदत बनाएं रखें राजस्थान सरकार और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट के पुराने मॉडल को फिर से सक्रिय किया जा रहा है। साथ ही सभी जिला अस्पतालों को सतर्क रहने और कोविड बेड्स और ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि वर्तमान में सामने आए कोविड केस गंभीर स्थिति नहीं दर्शाते, लेकिन जयपुर में हुई एक मौत और बच्चों में बढ़ते संक्रमण ने चिंता जरूर बढ़ा दी है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं, पर कोविड से जुड़ी सावधानियों को फिर से अपनाना जरूरी हो गया है।



