जयपुर में एलपीजी संकट और महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का विशाल धरना, केन्द्र सरकार की नीतियों पर साधा निशाना

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जयपुर। केन्द्र सरकार की गलत नीतियों के कारण देश में व्याप्त एलपीजीकी कमी के कारण आमजन को हो रही परेशानी के विरोध में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के नेतृत्व में कांग्रेस द्वारा जयपुर के शहीद स्मारक पर विशाल धरना एवं प्रदर्शन आयोजित किया गया। धरना-प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, एआईसीसी सचिव व सह प्रभारी रित्विक मकवाना, एआईसीसी के मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, सचिव धीरज गुर्जर, कांग्रेस विधायक, जिलाध्यक्ष, अग्रिम संगठनों तथा विभाग एवं प्रकोष्ठों के अध्यक्ष एवं संयोजक, प्रदेश पदाधिकारी, पूर्व विधायक सहित हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। धरने को सम्बोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता में आने से पूर्व देश में महँगाई कम करने, भ्रष्टाचार समाप्त करने, बेरोजगारी समाप्त करने और विदेश नीति सुदृढ़ करने का वादा किया था किन्तु आज देश किस जगह खड़ा है यह सोचने वाली बात है। प्रधानमंत्री ने 2014 में घोषणा की थी कि बीपीएल वर्ग की महिलाएं जो चूल्हे के धूएँ से परेशान है उन्हें गैस के सिलेण्डर देकर परेशानी से मुक्त करेंगे लेकिन आज इसी गैस की कमी के कारण पूरा देश परेशान है लोग लाईनों में लगे हुए है और रसोई गैस आधारित उद्योग चलाने वाले लोग परेशान है। भारतीय जनता पार्टी के नेता केवल जुमले देते है उन्हें आम आदमी की परेशानी से कोई सरोकार नहीं है। प्रधानमंत्री की ना तो कोई विदेश नीति है ना ही उन्हें किसानों की आमदनी दुगुनी करने का वादा याद है। केन्द्र सरकार केवल पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की योजना का नाम बदलने का काम कर रही है, प्रधानमंत्री विदेश भ्रमण कर रहे है और वहाँ से जिस प्रकार स्कूल बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए कोई मेडल या पुरस्कार दे देते है वैसे ही पुरस्कार प्राप्त कर 8000 करोड़ के विमान में बैठकर देश लौट आते है। नोटबंदी के समय पूरा देश कतारों में लगा प्रधानमंत्री ने 50 दिन माँग कर कहा था कि देश से भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म हो जाएगा, नकली नोट समाप्त हो जाएँगे, किसानों की आय दुगुनी हो जाएगी लेकिन इनमें से एक भी समस्या का समाधान नहीं निकला है। वैश्विक महामारी कोरोना संकट के समय कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने चेतावनी दी थी कि संकट का समय आने वाला है इसकी तैयारी होनी चाहिए किन्तु प्रधानमंत्री ने इस पर ध्यान नहीं दिया जबकि कांग्रेस की राजस्थान सरकार ने लॉकडाउन लगाया और अचानक एक दिन प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम सम्बोधन के साथ देश में अचानक बिना तैयारी के लॉकडाउन लगाया और 15 दिन के लिए गायब हो गए उस वक्त देश को भंयकर तकलीफों से गुजरना पड़ा, लोगों को शमशान घाट तक लाईनों में लगना पड़ा और गंगा में लाशें तैरती हुई सबने देखी। यह पीड़ा आमजनता ने भोगी है लेकिन भाजपा नेताओं को कोई फर्क नहीं पड़ता और उसके बाद चुनावों में सेना के शौर्य के पीछे छुपकर वोट ले लिए और तीसरी बार संविधान के प्रावधानों का उल्ल्ंाघन कर वोट चोरी से सरकार बना ली। अब मोदी सरकार ने लोगों को गैस और सीएनजी तथा पेट्रोल-डीजल के लिए लाईन में लगवा दिया लेकिन जिस प्रकार से गैस सिलेण्डर के दाम बढऩे से जो महंगाई की शुरूआत होकर आमजन पर भार पडऩे वाला है यह सोचकर भी चिंता हो जाती है, क्योंकि प्रधानमंत्री की गलत नीतियों के कारण हँसी उड़ रही है और सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के लिए जिस प्रकार के शब्दों का सम्बोधन किया जा रहा है वो शर्मसार करने वाला है। केन्द्र सरकार की ना नीति ठीक है, ना नीयत ठीक है। केन्द्र सरकार देश की योजनाओं के लिए 2047 की बात कर रही है किन्तु आने वाले तीन से चार वर्ष के संबंध में कोई विजन नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के समय देश में 73 दिन का पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस का स्टॉक रखा जाता था ऐसी व्यवस्था थी लेकिन केन्द्र की भाजपा सरकार ने इस स्टोरेज की क्षमता में कोई बढ़ोतरी नहीं की बल्कि मालूम होते हुए भी कि संकट आ सकता है प्रधानमंत्री इजरायल जाकर आये और युद्ध छिड़ सकता है इसका आभास सारी दुनिया को होने के बावजूद केन्द्र सरकार में इस क्षमता के अनुरूप भी तेल व गैस का भण्डारण नहीं किया जिस कारण देश में रसोई गैस और तेल की कमी का संकट देश में हो गया है। ईरान से अगर गैस आयी तो इसमें भाजपा की केन्द्र सरकार का कोई योगदान नहीं है इन्होंने तो पाँच वर्ष पूर्व ही गैस लेना बंद कर दिया था अब अमेरिका ने प्रतिबन्ध हटाया है तो ईरान से गैस खरीदी है। अमेरिका के दबाव में सरेण्डर कर ईरान से गैस लेना बंद की थी और अब सरेण्डर कर लेना शुरू कर दिया है। नेता विपक्ष राहुल गाँधी ने लोकसभा में केन्द्र सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाकर आने वाले संकट का सामने करने के लिए चर्चा करने की माँग की थी तब भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने राहुल गाँधी की बातों का मजाक बनाया था और कहा था कि देश में किसी प्रकार का संकट नहीं है कांग्रेस को इस विषय में भी राजनीति नजर आ रही है किन्तु जब दिक्कत आयी और जनता विरोध में उतर आयी तो भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलायी लेकिन बैठक में कहा कि कोई संकट नहीं है जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा और राज्य सभा को सम्बोधित करते हुए कहा था कि कोरोना महामारी जैसा संकट आने वाला है इसके लिए मिल कर सभी को सामना करना पड़ेगा। राजस्थान के मुख्यमंत्री दिल्ली में प्रधानमंत्री से मिले वहां डांट पड़ी कि लोग गैस की किल्लत और बढ़ती महँगाई से परेशान हो रहे है राजस्थान सरकार क्या कर रही है तो उन्होंने राजस्थान आकर आनन-फानन में सर्वदलीय बैठक बुला ली और बैठक में मुख्यमंत्री के आमंत्रण पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और उप मुख्य सचेतक रामकेश मीणा गए तो बैठक में मुख्यमंत्री ने दिल्ली में सर्वदलीय बैठक में पढ़ा गया बयान ही पुन: इस बैठक में पढ़ दिया कि कोई दिक्कत है ही नहीं। प्रदेश की सरकार और केन्द्र की सरकार दोनों ने ही सर्वदलीय बैठक में यही कहा है कि रसोई गैस को लेकर कोई दिक्कत नहीं है तो फिर देश के प्रधानमंत्री का राज्यसभा और लोकसभा दिया गया यह बयान कि देश में बड़ा संकट आने वाला है वह सच्चा है या झूठ यह आमजनता को तय करना है। प्रधानमंत्री कह रहे है कि देश में संकट आ रहा है, नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी कह रहे है कि संकट आएगा, बंगाल और अन्य राज्यों के चुनाव होने के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम बेतहाशा बढ़ जाएंगे ऐसे में महँगाई आमजनता की कमर तोड़ देगी और भारतीय जनता पार्टी के नेता झोला उठाकर चल देंगे। भाजपा के नेता केवल झूठ और जुमले बोलते है सच्चाई से इनका दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। कांग्रेस पार्टी सभी जिलों में आमजनता के सरोकार के लिए कार्य कर रही है और सभी जिलाध्यक्षों को संवेदनशील मुद्दों पर सभी धरने-प्रदर्शनों में आमजनता की भागीदारी बढ़ानी होगी। भाजपा के नेताओं को किसी प्रकार की आमजन की तकलीफों से सरोकार नहीं है इसलिए मजबूती के साथ आमजन को साथ लेकर सरकार को जगाने का काम करना होगा। राजस्थान सरकार ने गैस एजेंसियों पर छापे डाल कर अपने कत्र्तव्यों की इति कर दी लेकिन इससे गैस के लिए लाईन में लगे लोगों को सिलेण्डर तो नहीं मिले केवल भ्रष्टाचार को ही बढ़ावा मिला है। डोटासरा ने आह्वान किया कि सभी कांग्रेस कार्यकर्ता एवं नेता इस संकट में आम आदमी की तकलीफों को दूर करने के लिए उनके बीच जाएं जहाँ गैस अथवा पेट्रोल-डीजल की कालाबजारी होते हुए दिखे वहीं कांग्रेस कार्यकर्ता धरने पर बैठ जाएँ और आमजनता को कोई परेशानी नहीं हो इसका ध्यान रखे। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने धरने को सम्बोधित करते हुए कहा कि कहा कि देश में एलपीजी का संकट है लेकिन सरकार इसे छुपाना चाहती है क्योंकि केन्द्र सरकार की नीतियाँ सही नहीं थी, पूरे प्रदेश में एलपीजी प्राप्त करने के लिए लोग गैस एजेन्सियों के बाहर लाईन लगाकर खड़े है लेकिन सरकार को यह नजर नहीं आता है। सरकार बयान दे रही है कि किसी प्रकार का संकट नहीं है उन्हें सुझाव है कि अखबार में आमजन किस प्रकार परेशान हो रहा है उसकी खबरें मुख्यमंत्री पढ़े। प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने रिफाईनरी का काम शुरू करवाया था किन्तु भाजपा की सरकार ने इसको पूरा नहीं किया जबकि कांग्रेस शासन में 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका था और अब ढ़ाई वर्ष का समय व्यतीत हो जाने पर भी यह रिफाईनरी शुरू नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बजट में घोषणा की थी कि अगस्त, 2025 में रिफाईनरी का उद्घाटन प्रधानमंत्री करेंगे और अब मार्च, 2026 निकलने को है लेकिन रिफाईनरी का उद्घाटन नहीं हुआ। देश में 2014 से पहले कच्चे तेल का जो उत्पादन होता था उसका उत्पादन भी घट गया है जितना स्टॉक पहले रखा जाता था 2014 के बाद वह भी घट गया है, गैस सिलेण्डर के दाम 60 रूपये बढ़ा दिए है इससे आम नागरिक विशेषकर गरीबों पर महँगाई का भार भाजपा सरकार ने थोप दिया है। कांग्रेस पार्टी आमजनता के दु:ख, तकलीफो में साथ खड़ी है और भाजपा की गूंगी-बहरी सरकार को जगाने का काम करती रहेगी। धरने को एआईसीसी के मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, सचिव रित्विक मकवाना, धीरज गुर्जर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी, जयपुर शहर जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा, जयपुर देहात पूर्व अध्यक्ष गोपाल मीणा, जयपुर देहात पश्चित अध्यक्ष विद्याधर चौधरी सहित अनेक वक्ताओं ने सम्बोधित किया।

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