जयपुर। नई दिल्ली के बीकानेर हाउस में परिसर में 25 मार्च तक चलने वाले 11 दिवसीय राजस्थान उत्सव में राजस्थानी लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत लोकगीतों और कथक नृत्य ने उत्सव में मनोरंजन के रंग बिखेरे। उत्सव में राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित सांस्कृतिक संध्या ‘रंगत’ में बाड़मेर से आए प्रसिद्ध राजस्थानी लोक कलाकार मगडा खान और उनके 12 सदस्यीय दल द्वारा प्रस्तुत लोक गीतों ने संध्या में उपस्थित लोगों को मंत्रामुग्ध कर दिया। लोक कलाकारों ने उपस्थित आगंतुकों की पसंद के अनुसार राजस्थानी शैली में भरपूर गीत गायन कर दर्शकों का मनोरंजन किया। उत्सव में दिल्ली के प्रसिद्ध राम भारतीय कला केन्द्र की कथक कलाकारों सु सुकृति अग्रवाल और भीतिका रहेजा ने विश्व प्रसिद्ध कथक गुरू पंडित बिरजू महाराज द्वारा कंपोज ‘इठलाती-बलखाती’ गाने पर कथक प्रस्तुति कर सभी आगंतुकों को अपनी ओर आकर्षित किया और प्रस्तुत प्रस्तुतियों को देखकर उत्साहित दर्शक वीडियो बनाते दिखे। उत्सव के अवसर पर रूडा और राजीविका द्वारा प्रदर्शित स्टॅाल्स पर दर्शकों द्वारा राजस्थानी हस्तकलाकारों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प के उत्पादों की खूब खरीदी की गई। इसके अतिरिक्त फूड कोर्ट में राजस्थान के प्रसिद्ध स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॅाल्स पर भी भारी मात्रा में दर्शक खानपान करते हुए दिखाई दिए। उत्सव के शेष 3 दिनों में आगंतुकों को उत्साहित और आकर्षित करने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक और पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर कठपुतली, फैशन शो ढ़ोला—मूमल, लोक नृत्य गायन प्रतियोगिता, साफा बंधन प्रतियोगिता, थ्री लेग रेस, रूमाल झपट्टा और रस्साकशी प्रतिस्पर्धाएं करवाई जाएंगी। जिसमें सभी वर्ग के पुरूष और महिला निःशुल्क पंजीकरण करवाकर भाग ले सकते हैं। प्रतिस्पर्धाओं में कमेटी द्वारा बनाए गए जजों द्वारा नियमानुसार विजेताओं का चयन कर उन्हें पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जाएगा।

बीकानेर हाउस में सांस्कृतिक संध्या—‘रंगत’ में कथक नृत्य और राजस्थानी लोकगीतों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने बिखेरा रंग
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