स्टॉक मार्केट में क्लीन मैक्स की कमजोर एंट्री, घाटे में आईपीओ निवेशक

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नई दिल्ली। कॉमर्शियल एंड इडस्ट्रियल रिन्यूएबल एनर्जी प्रोवाइडर क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में कमजोर एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 1,053 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर इसकी लिस्टिंग 9.50 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 952.20 रुपये के स्तर पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर नौ प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 960 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण ये शेयर टूटकर 855.10 रुपये के स्तर तक गिर गया। सुबह 11:30 बजे तक का कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर 855.50 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार के बाद कंपनी के आईपीओ निवेशक प्रति शेयर 197.50 रुपये यानी 18.76 प्रतिशत के नुकसान में थे।

क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड का 3,086.97 करोड़ रुपये का आईपीओ 23 से 225 फरवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल सिर्फ 0.99 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 2.99 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में सिर्फ 0.57 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन महज 0.07 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत एक रुपये फेस वैल्यू वाले 1,200 करोड़ रुपये के 1.14 करोड़ नए शेयर जारी किए गए हैं। इसके अलावा 1900 करोड़ रुपये के 1.80 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 59.47 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 37.64 करोड़ रुपये रह गया। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी फायदे में आ गई। कंपनी को 19.43 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 19 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 960.98 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 1,425.31 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 1,610.34 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 969.35 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 3,843.42 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 5,514.56 करोड़ रुपये और 2024-25 में 7,973.70 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी पर 10,121.46 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 1,209.93 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 1,817.96 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 2,545.44 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 2,598.34 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 405.92 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 741.57 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 1,015.07 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 6378.85 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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