चूरू। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भूजल विभाग मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने सोमवार को ‘वंदे गंगा- जल संरक्षण जन अभियान’ अंतर्गत चूरू के चलकोई स्थित बालाजी जोहड़ में जल पूजन किया तथा पौधरोपण व श्रमदान कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान पीएचईडी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, विधायक हरलाल सहारण, जिला प्रमुख वंदना आर्य, जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा, जिला उप प्रमुख महेन्द्र न्यौल, प्रधान दीपचंद राहड़, वासुदेव चावला, ओम सारस्वत, सुरेश सारस्वत, नरेन्द्र काछवाल आदि सहित अन्य मंचस्थ रहे। भंवरलाल स्वामी, सज्जन सिंह बीका, मघाराम मेघवाल, किशन सिंह, राजेन्द्र, रामदेव, दशरथ सहित अन्य ग्रामवासियों ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने कहा कि पानी को बचाना हमारी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप हम प्रकृति और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति अपने दायित्वों को समझें तथा उनका समुचित निर्वहन करते हुए प्राकृतिक संपदा का संवर्धन करें। उन्होंने कहा कि ‘वंदे गंगा- जल संरक्षण जन अभियान’ में जनता की भागीदारी ही इसकी सफलता की कुंजी है। हमारी पीढ़ी ने आधुनिकता के कारण प्रकृति एवं प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम दोहन किया है तथा अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरती है। इसके परिणामस्वरूप आज पृथ्वी का तापमान निरंतर बढ़ रहा है तथा प्राकृतिक संसाधनों की निरंतर हानि हो रही है। हमारा दायित्व है कि हम पर्यावरण संरक्षण को अपने दैनिक आदतों में शामिल करें तथा हमारी पीढ़ी में जल व प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की सोच विकसित करनी होगी। पानी एवं प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं। हमें इनका मितव्ययतापूर्ण व संतुलित उपयोग करना होगा। वर्तमान में केंद्र सरकार ने 8 लाख करोड़ रुपए पेयजल पर बजट खर्च कर रही है। इसी के साथ गरीबों, वंचित वर्ग को आवास, खाद्य सुरक्षा योजना अंतर्गत अनाज, फ्री इलाज आदि सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि हम पेड़ लगाए तथा उनके सर्वाइवल की जिम्मेदारी भी लें। हम सभी की जिम्मेदारी है हम पर्यावरण के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करें। सभी मिलकर अभियान में जुटें। प्रकृति हमें आशीर्वाद देगी और हमारी कृषि सहित आजीविका गतिविधियों में भी इसका लाभ मिलेगा। विधायक हरलाल सहारण ने कहा कि आने वाली पीढ़ी हमें कोसे नहीं, इसलिए हम पानी बचाएं। हमें स्वयं से शुरुआत करनी होगी। सरकार ने घर-घर जल पहुंचाने का संकल्प लिया है, लेकिन हमें बरसात के जल को बचाने के लिए घरों में कुंड, टंकी आदि बनाने होंगे। सभी के सम्मिलित प्रयासों से ही प्रकृति का संरक्षण हो सकेगा। उन्होंने कहा कि चूरू मरुस्थलीय जिला है। यहां पानी की कमी है। इसलिए हम भौगोलिक परिस्थितियों के मध्यनजर पानी व प्रकृति का महत्व समझें। पानी को बचाएं और परिवेश के अन्य लोगों को भी जागरूक करें। उन्होंने चलकोई क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति को सात्यूं से जोड़े जाने का आग्रह किया।
जिला प्रमुख वंदना आर्य ने कहा कि हमारी सरकार ने जन-जन को जल संरक्षण से जोड़ने के लिए अभियान चलाया है। हम अपने तालाब, कुंड, बावड़ी आदि को बचाएं, संरक्षित करें व उनका रखरखाव रखें। पंरपरागत जल स्रोतों के साथ बरसात के पानी का अधिकतम संरक्षण करें। यह हमारा दायित्व और कर्तव्य बनता है कि हम आने वाली पीढ़ी को संतुलित पर्यावरण एवं सुरक्षित भविष्य विरासत में दें। प्रधान दीपचंद राहड़ ने अतिथियों का स्वागत करते हुए ‘एक पेड़- मां के नाम’ अभियान अंतर्गत अधिक अधिक पेड़ लगाए जाने की अपील की तथा चलकोई स्थित बालाजी जोहड़ के जीर्णोद्धार कार्य के लिए पीएचईडी मंत्री से आह्वान किया।बालाजी जोहड़ के जीर्णोद्धार के करवाएंगे काम, चलकोई क्षेत्र की पाइपलाइन को सात्यूं से जोड़ने की घोषणा इस अवसर पर मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने उपस्थित जनसमूह से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाते हुए चलकोई क्षेत्र को सात्यूं से जोड़े जाने की घोषणा की तथा बालाजी जोहड़ में तारबंदी, वृक्षारोपण, मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य करवाए जाने के लिए बजट उपलब्ध कराने हेतु आश्वस्त किया। इस दौरान एसीईओ दुर्गा ढाका, तहसीलदार अशोक गौरा, पीएचईडी एडिशनल चीफ इंजीनियर राममूर्ति, पीएचईडी एसई चुन्नीलाल, रवि आर्य, गोपाल बालाण, राम पीपलवा, किशन सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी व ग्रामवासी मौजूद रहे।



