– जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा की अध्यक्षता में आयोजित डीएमएफटी की गवर्निंग काउंसिल की बैठक, सांसद राहुल कस्वां, चूरू विधायक हरलाल सहारण, तारानगर विधायक नरेन्द्र बुडानिया, सादुलपुर विधायक मनोज न्यांगली, सुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल, सरदारशहर विधायक अनिल शर्मा, रतनगढ़ विधायक पूसाराम गोदारा, तारानगर प्रधान संजय कस्वां सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी रहे मौजूद
चूरू। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा की अध्यक्षता में शनिवार को जिला परिषद सभागार में डीएमएफटी की गवर्निंग काउंसिल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सांसद राहुल कस्वां, चूरू विधायक हरलाल सहारण, तारानगर विधायक नरेन्द्र बुडानिया, सादुलपुर विधायक मनोज न्यांगली, सुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल, सरदारशहर विधायक अनिल शर्मा, रतनगढ़ विधायक पूसाराम गोदारा, तारानगर प्रधान संजय कस्वां सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान सांसद राहुल कस्वां ने कहा कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में आवश्यकताओं के अनुसार कार्यों को शामिल करें। स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए संबंधित विधायकों व जनप्रतिनिधियों की अनुशंषानुसार प्रस्ताव लें। चूरू विधायक हरलाल सहारण ने कहा कि हम विकास कार्यों में जनहितों व जनसमस्याओं का ध्यान रखें। विकास कार्यों को संतुलित ढंग से शामिल कर स्थानीय स्तर पर सुविधाओं को सुदृढ़ करें। तारानगर विधायक नरेन्द्र बुडानिया ने कहा कि क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा दें और सभी मिलकर हर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का विकास करें। सादुलपुर विधायक मनोज न्यांगली ने कहा कि सादुलपुर क्षेत्र में क्षेत्रीय आवश्यकताओं व विकास कार्यों की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि सादुलपुर क्षेत्र की स्थानीय आवश्यकताओं को समाहित करें और विकास कार्यों को बढ़ावा दें। सुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल ने कहा कि सुजानगढ़ खनन प्रभावित क्षेत्र है, इसलिए वहां अत्यधिक संसाधनगत विकास की आवश्यकता है। सुजानगढ़ क्षेत्र में सड़कों, मरम्मत, जर्जर भवनों व स्कूलों के विकास कार्य को प्राथमिकता दें। रतनगढ़ विधायक पूसाराम गोदारा ने रतनगढ़ क्षेत्र की आवश्यकताओं की जानकारी देते हुए कहा कि स्थानीय विकास को गति देने के लिए हमें संतुलित रूप से प्रत्येक क्षेत्र को शामिल करना चाहिए। शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्थागत ढांचा सहित हर क्षेत्र को शामिल करें। सरदारशहर विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि प्रस्तावित कार्यों को समुचित ढंग से पूरा किया जाए एवं नियमित रूप से मॉनीटरिंग की जाकर गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य किए जाएं। इस अवसर पर जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने कहा कि विकास कार्यों को प्राथमिकता से निर्धारित करें। खनन प्रभावित क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण व विकास कार्यों के लिए हम संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि डीएमएफटी में पूर्व स्वीकृत एवं प्रगतिरत कार्यों की समुचित मॉनीटरिंग करें। सुनिश्चित करें कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण हों एवं निर्धारित समयानुसार पूरे किए जाएं। कार्यों की उपयोगिता को प्राथमिकता से रखें और मूलभूत सुविधाओं पर काम हो। सभी जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्यों एवं प्रस्तावों को बैठक में रखा। सदस्य सचिव सीईओ श्वेता कोचर ने बैठक की रूपरेखा प्रस्तुत की और डीएमएफटी अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में सभी जनप्रतिनिधियों की सहमति से सभी विधानसभा क्षेत्रों में 05 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्य करवाने के प्रस्ताव रखे। इन प्रस्तावों में अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त व जर्जर भवनों आदि के कार्य शामिल किए गए। उन्होंने बताया कि इसी के साथ सभी विधानसभा क्षेत्रों में 02— 02 ओपन जिम व 02 — 02 लाइब्रेरी खोले जाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया। सहायक खनि अभियंता नौरंगलाल ने उन खनन प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी दी, जिनसे डीएमएफटी जमा होती है। उन्होंने बताया कि खनन पट्टा, क्वारी लाइसेंस, जिप्सम परमिट, ईट— मिट्टी परमिट व साधारण मिट्टी परमिट से डीएमएफटी जमा होती है। उन्होंने उपलब्ध डीएमएफटी फंड तथा डीएमएफटी की नई गाइडलाइन की जानकारी दी। इस दौरान डीसीएफ वीरेन्द्र कृष्णिया, एसीईओ दुर्गा ढाका, आईसीडीएस डीडी डॉ नरेन्द्र शेखावत, एसजेईडी डीडी नगेन्द्र सिंह, सीडीईओ गोविंद सिंह राठौड़, कोषाधिकारी प्रवीण सिंघल, पशुपालन संयुक्त निदेशक डॉ सुनील मेहरा, एसीएमएचओ डॉ अहसान गौरी, सानिवि एसई पंकज यादव, पीएचईडी एसई चुन्नीलाल सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

चूरू : संसाधनगत विकास पर करें फोकस, क्षेत्रीय आवश्यकताएं हों पूरी
ram


