चित्तौड़गढ़। पंडित दीनदयाल उपाध्याय संबल पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत आयोजित शिविरों का उद्देश्य यही है — अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत नाडाखेड़ा की 63 वर्षीय भगवानी बाई की कहानी एक मिसाल बन गई है। जीवन की कठिन राह भगवानी बाई, एक अकेली वृद्ध महिला, जिनकी आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं था, पात्रता होते हुए भी वर्षों से वृद्धावस्था पेंशन से वंचित थीं। सामाजिक जागरूकता की कमी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी के अभाव में उनका जीवन अत्यंत कठिनाइयों भरा हो गया था।
शिविर बना बदलाव का जरिया
डूंगला पंचायत समिति की नाडाखेड़ा ग्राम पंचायत में सोमवार 07 जुलाई को आयोजित संबल पखवाड़ा शिविर में जब भगवानी बाई ने अपनी व्यथा सुनाई, तो उपखंड अधिकारी ईश्वरलाल खटीक के निर्देशन में तुरंत संज्ञान लिया गया। शिविर में मौजूद तहसीलदार गुणवंतलाल माली, नायब तहसीलदार भूपेंद्र वसी और सामाजिक सुरक्षा विभाग के अधिकारी दशरथ सिंह राठौड़ की टीम ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर ही दस्तावेजों का सत्यापन कर भगवानी बाई की वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत करवाई।


